05 July 2026

मिसाल... बीमार छात्रा को पीठ पर बैठा तीन किमी पैदल चलीं टीचर

 स्कूलों में बच्चों के उत्पीड़न की कहानियां अब अखबारों का बड़ा हिस्सा घेरने लगी हैं लेकिन आंध्र प्रदेश की स्कूल वार्डन हेमा ने जो किया वह मानवता की मिसाल है. 



मानकीकृत और प्रवेश परीक्षाएं

एक गरीब इलाके की यह कहानी है. यहां तरक्की अभी अंगड़ाई नहीं ले पाई. गांव तक पक्की सड़क नहीं है. पथरीले रास्ते के कारण गाँवो तक एंबुलेंस भी नहीं आ पाती. ऐसी स्थिति में इस शिक्षक ने बीमार पड़ी आदिवासी बच्ची को अपनी पीठ पर लादा और चल पड़ी अस्पताल की ओर...! 


बच्ची अब स्वस्थ है... और हेमा भी खुश...!


बच्ची मन ही मन बोली होगी... नमन है हे-मां...!


सचमुच नमन है...हेमा !