गाजियाबाद में साइबर ठगी का बड़ा मामला, रिटायर्ड शिक्षा निदेशक को डिजिटल अरेस्ट कर ठगे 1.25 करोड़ रुपये
गाजियाबाद। साइबर अपराधियों ने खुद को एटीएस और सीबीआई अधिकारी बताकर 71 वर्षीय सेवानिवृत्त अपर शिक्षा निदेशक को डिजिटल अरेस्ट कर लिया और उनसे करीब 1.25 करोड़ रुपये ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े होने का बनाया डर
पीड़ित 71 वर्षीय महिला शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 28 जुलाई को दोपहर करीब 12 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात महिला का फोन आया। महिला ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके नाम से मुंबई के कोलाबा स्थित एक बैंक में खाता खोला गया है और उसमें आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े रुपये जमा किए गए हैं।
इसके बाद जालसाजों ने गिरफ्तारी का डर दिखाकर लगातार पूछताछ की। पीड़िता को एक वीडियो कॉल पर रखा गया और आरोपियों ने खुद को एटीएस व सीबीआई अधिकारी बताकर कई घंटे तक उन्हें डराए रखा।
जमानत के नाम पर खाते में रुपये जमा कराने का दबाव
आरोपियों ने कहा कि गिरफ्तारी से बचने के लिए जमानत की रकम आरबीआई के खाते में जमा करनी होगी। डर के कारण पीड़िता ने करीब 1.25 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए।
इसके बाद भी आरोपी रकम जमा कराने का दबाव बनाते रहे। चार अगस्त को शक होने पर पीड़िता ने अपने स्वजन को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद साइबर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने शुरू की रकम के ट्रांजेक्शन की जांच
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर ठगी की रकम के ट्रांजेक्शन की जांच शुरू कर दी है। एसीपी क्राइम अमित सक्सेना के अनुसार, जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस साइबर ठगों द्वारा अपनाए गए तरीके, बैंक खातों और पैसों के लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी फोन कॉल पर खुद को पुलिस, सीबीआई या एटीएस अधिकारी बताने वाले व्यक्ति के दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें।

