बड़े सुधारों की ओर भारत, पुराने नियमों से काम नहीं चलेगा: पीएम मोदी
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के आर्थिक विकास को लेकर बड़े सुधारों के संकेत दिए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि विकसित भारत के सपनों को पूरा करने के लिए बीते समय की नीतियों और पुराने नियमों से काम नहीं चलेगा। बड़े रिफॉर्म की गति बढ़ानी होगी और इसमें राज्य सरकारों को भी सहयोग करना होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, इंडस्ट्री और देशवासियों के सहयोग से भारत दुनिया की 500 बड़ी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकता है। उन्होंने देश की कंपनियों को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने पर भी जोर दिया।
चिप निर्माण में भारत की बड़ी छलांग
प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में सेमीकंडक्टर और चिप निर्माण को लेकर तेजी से काम हो रहा है। भारत में चिप निर्माण से जुड़ी तीन प्लांट शुरू किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लेकर मेडिकल डिवाइस और ऑटोमोबाइल तक के लिए चिप बेहद जरूरी है।
भारत में चिप निर्माण से जुड़ी कंपनियों में माइक्रोन टेक्नोलॉजी, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, सीजी पावर और फॉक्सकॉन प्रमुख नाम हैं। प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि अगले दो-तीन वर्षों में भारत चिप का बड़ा निर्यातक बन सकता है।
वैश्विक कंपनियों में भारतीय कंपनियों की हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया की शीर्ष 500 कंपनियों में भारत की करीब 50 कंपनियां शामिल हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि फार्मा क्षेत्र में भारत ने काफी काम किया है और अब कम से कम एक-दो भारतीय फार्मा कंपनियों का नाम वैश्विक स्तर पर गूंजना चाहिए।
उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारत की ब्रांड पहचान मजबूत करने पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री के मुताबिक दुनिया के बड़े बाजार में भारतीय कंपनियों की मौजूदगी बढ़ाने के लिए सरकार, उद्योग और देशवासियों को मिलकर प्रयास करना होगा।
रिसर्च के लिए बजट में 1 लाख करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री ने युवाओं को अनुसंधान और नवाचार से जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि रिसर्च के लिए इस बार के बजट में 1 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि भारत को ऐसे उत्पादों का निर्माण करना चाहिए, जिनकी जरूरत पूरी दुनिया को हो। इसके लिए बड़े पैमाने पर अनुसंधान, निवेश और जोखिम उठाने की क्षमता जरूरी है। सरकार का लक्ष्य भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है।

