13 September 2026

400 छात्रों ने कॉपियां में रखा नोट, बोर्ड ने रोका रिजल्ट

 

प्रयागराज। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल कम्पार्टमेंट/इम्प्रूवमेंट तथा इंटर कम्पार्टमेंट परीक्षा के दौरान कॉपियों में नोट रखने वाले 400 से अधिक परीक्षार्थियों का परिणाम रोक दिया गया है। यह पहला मौका है जब उत्तरपुस्तिकाओं में नोट रखने पर इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों का परिणाम रोका गया है।


बोर्ड की ओर से संबंधित डीआईओएस के माध्यम से इन परीक्षार्थियों को नोटिस जारी करके सुनवाई की जा रही है। उसके बाद परिणाम को लेकर परीक्षा समिति में निर्णय लिया जाएगा।


चूंकि बोर्ड ने इसी साल से उत्तरपुस्तिकाओं में नोट रखने के मामलों को अनुचित साधन प्रयोग माना था इसलिए ऐसे सभी 400 से अधिक परीक्षार्थियों के परिणाम रोके गए हैं। इस कार्रवाई से बोर्ड ने आगामी परीक्षाओं के लिए भी कड़ा संदेश देने का काम किया है।


28 जुलाई को आयोजित कम्पार्टमेंट/इम्प्रूवमेंट परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन पहली बार यूपी बोर्ड ने ऑनलाइन माध्यम से कराया था। प्रयागराज के राजकीय इंटर कॉलेज में प्रदेशभर की कॉपियों की पहले कंप्यूटर पर स्कैनिंग की गई और उसके बाद परीक्षकों ने कंप्यूटर, लैपटॉप पर मूल्यांकन करते हुए ऑनलाइन अंक चढ़ाए।


स्कैनिंग के दौरान निजी कंप्यूटर फर्म के लोगों ने जिन कॉपियों में नोट निकले थे उनकी सूचना यूपी बोर्ड को दे दी। सूत्रों के अनुसार कम्पार्टमेंट/इम्प्रूवमेंट परीक्षा की कॉपियों से 20 हजार रुपये से अधिक की राशि मिली है जिसे राजकोष में जमा करवा दिया गया है।


परीक्षार्थियों को दिया जाएगा सुनवाई का मौका


● 

कंप्यूटर फर्म ने जिन कॉपियों में नोट मिला उसकी सूचना बोर्ड को दी थी

कॉपियों में नोट रखने वाले जिन छात्रों ने कंपार्टमेंट की परीक्षा दी थी वह तो फेल ही रह गए। हालांकि जिन परीक्षार्थियों ने इंप्रूवमेंट की परीक्षा दी थी वह मुख्य परीक्षा के आधार पर पास माने जाएंगे। यह अलग बात है कि उन्हें इंप्रूवमेंट का परिणाम नहीं मिलेगा। सचिव भगवती सिंह का कहना है कि जिन परीक्षार्थियों के परिणाम रोके गए हैं उन्हें सुनवाई का मौका दिया जाएगा। गौरतलब है कि हाईस्कूल कम्पार्टमेंट/इम्प्रूमेंट परीक्षा में पंजीकृत 20,855 परीक्षार्थियों में से 19,394 परीक्षा में सम्मिलित हुए थे और उनमें से 19,191 परीक्षार्थी उत्तीर्ण थे। इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंट परीक्षा में पंजीकृत 21,227 परीक्षार्थियों में से 20,540 परीक्षा में शामिल हुए और उनमें से 16,286 परीक्षार्थी उत्तीर्ण थे।