यूपी में परिषदीय शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया सात नवंबर तक पूरी होगी। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने सभी बीएसए को इस संबंध में शुक्रवार को निर्देश जारी किए। सचिव ने लिखा है कि नौ अक्टूबर को अध्यापकों की वरिष्ठता सूची तैयार कर 23 अक्टूबर तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। यदि वरिष्ठता सूची पर आपत्ति मांग कर उसका निराकरण करते हुए अंतिम स्वरूप न दिया गया हो तो 15 दिन में सूची तैयार कर लें। वहीं प्रमोशन में टीईटी को अनिवार्य किया गया है।
उसके बाद डायट प्राचार्य की अध्यक्षता में चयन समिति गठित की जाएगी जिसमें बीएसए सचिव सदस्य, जिला मुख्यालय पर राजकीय बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज की प्रधानाचार्य और डीएम से नामित हिन्दी, उर्दू या अन्य भाषा में एक विशेषज्ञ सदस्य के रूप में शामिल होंगे। अभ्यर्थियों की सूची ज्येष्ठता क्रम में तैयार करके उसे उसकी चरित्र पंजिकाओं और आवश्यक अभिलेखों के साथ चयन समिति के समक्ष रखेगा।
बेसिक शिक्षा परिषद की ई-मेल पर उपलब्ध कराना होगा
चयन समिति चयनित अभ्यर्थियों की एक सूची तैयार कर नियुक्ति प्राधिकारी को भेजेगी। उसके बाद अनुपयुक्त शिक्षक-शिक्षिकाओं को हटाते हुए रिक्त पदों के सापेक्ष वरिष्ठताक्रम में पात्रता सूची तैयार की जाएगी। वरिष्ठता सूची तैयार करने के साथ ही तैनाती वाले पदों का निर्धारण भी कर लिया जाएगा। जिले में पदोन्नति के लिए रिक्त पद, वरिष्ठता सूची व पात्रता सूची के संबंध में सूचना 23 अक्टूबर तक बेसिक शिक्षा परिषद की ई-मेल पर उपलब्ध कराना होगा।
शिक्षकों की प्रमोशन में टीईटी अनिवार्य
बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रमोशन में टीईटी को अनिवार्य किया है। पात्रता सूची में शिक्षक-शिक्षिकाओं के टीईटी उत्तीर्ण होने संबंधी विवरण अंकित किया जाएगा। जिन शिक्षक-शिक्षकाओं ने केवल प्राथमिक स्तर की टीईटी उत्तीर्ण की है वे प्राथमिक विद्यालयों में तथा जिन्होंने उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी पास की है वे केवल उच्च प्राथमिक विद्यालयों में, व जिन्होंने प्राथमिक/उच्च प्राथमिक दोनों स्तर की टीईटी उत्तीर्ण की है वे प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पदस्थापन के लिए अर्ह होंगे। पदोन्नति के लिए जो अध्यापक पात्र होंगे, उनसे वरिष्ठता के आधार पर प्राथमिक / उच्च प्राथमिक विद्यालय का विकल्प लिया जाएगा। विकल्प प्राप्त करने से पहले उन्हें बताया जाएगा कि विकल्प के लिए टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा।

