राज्य शिक्षक पुरस्कार पाने के लिए छिपाए थे तथ्य, कन्नौज के प्रभारी प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई
कन्नौज: राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन में तथ्य छिपाने के गंभीर आरोप, विद्यालय में विवाद और अनियमितताओं का मामला सामने आया।
कन्नौज जिले के गुरगुजपुर स्थित पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक राकेंद्र सक्सेना पर राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन करते समय महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने का आरोप लगा है। इस मामले में विद्यालय के छात्र-छात्राओं और अभिभावकों की ओर से भी शिकायतें की गई थीं।
आवेदन में कई तथ्यों को छिपाने का आरोप
समाचार रिपोर्ट के अनुसार, प्रभारी प्रधानाध्यापक पर आवेदन में विद्यालय की व्यवस्थाओं से संबंधित कई तथ्यों को छिपाने के आरोप लगाए गए। इनमें बच्चों के साथ भेदभाव करने, जातिगत टिप्पणी करने, विद्यालय की संपत्ति का अवैध निस्तारण कराने, हरे पेड़ कटवाने, रसोइया नियुक्ति में हेरफेर करने और शिक्षण व्यवस्था प्रभावित करने जैसे आरोप शामिल हैं।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रधानाध्यापक पर निलंबित होने के तथ्य को छिपाने का आरोप था। इन मामलों को लेकर विद्यालय के स्टाफ और अन्य लोगों ने संबंधित अधिकारियों से शिकायत की थी।
अधिकारियों तक पहुंचा मामला
शिकायत के बाद मामला प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचा। समाचार रिपोर्ट के मुताबिक, समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण और जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री से भी इस संबंध में शिकायत की गई थी। इसके बाद विद्यालय में विवाद की स्थिति बनी रहने की बात सामने आई।
10 वर्षों से विद्यालय में कार्यरत
रिपोर्ट में सहायक अध्यापक रामकिशोर के हवाले से बताया गया है कि प्रभारी प्रधानाध्यापक पिछले 10 वर्षों से विद्यालय में शिक्षण कार्य कर रहे थे। उनके अनुसार, विद्यालय को जिले में अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में शामिल करने में योगदान दिया गया था। हालांकि, रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि संबंधित शिक्षक की कमियों को छिपाने के लिए अन्य शिक्षकों पर कार्रवाई की गई।
नोट: यह समाचार उपलब्ध समाचार-पत्र की कटिंग पर आधारित है। आरोपों और संबंधित कार्रवाई की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध दस्तावेज से नहीं होती है। इसलिए इन्हें आरोपों के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है।
