महंगा हुआ बच्चों का बस्ता, पेन-कॉपी की कीमतें 35% तक बढ़ीं


लखनऊ, । खाद्य पदार्थों के बाद अब पढ़ाई पर भी महंगाई का असर पड़ा है। पेन-पेंसिल, स्याही, रजिस्टर, कॉपी, कागज और फाइल आदि की कीमतों में 30 से 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो गई है। कारोबारियों के मुताबिक कच्चे माल की आपूर्ति व उसकी कीमतों से प्रोडक्शन में दिक्कत आ रही है। दो महीने के भीतर कागज की कीमतों में करीब 30 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। इससे कापी-किताब और स्टेशनरी पर एक बच्चे पर 10 से 12 हजार रुपये तक खर्च करना पड़ रहा है। पहले यह सामान आठ हजार रुपये तक में मिल जाता था।

जीएसटी दर बढ़ने से दामों में इजाफा : स्टेशनरी विक्रेता एवं निर्माता एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि पेन पर 12 से 18 प्रतिशत जीएसटी हो गया है। इसके अलावा ब्लेड 18 प्रतिशत, कटर 18 प्रतिशत, कागज 12 व स्याही पर 18 प्रतिशत जीएसटी हो गई है। उन्होंने बताया कि कंपनियों ने कापियां तो महंगी की हैं, उनके पेज भी कम कर दिए हैं।


पहले जिस कापी में 100 पेज थे अब वह घटकर 80 ही रह गए हैं। कुछ कापियों की लंबाई और चौड़ाई कम हो गई है। पेंसिल की लंबाई में भी अंतर आया है। पिछले साल 15 रुपये में आने वाला पेन अब 20 में, रबर दो रुपये की जगह तीन रुपये में मिल रहा है।

अमीनाबाद के स्टेशनरी विक्रेता विशाल गौड़ ने बताया कि पेपर रोल, डायरी, पेन, पेंसिल, कलर की कीमतें 22 से 30 प्रतिशत बढ़ गई हैं। वहीं स्कूल के रजिस्टर, कॉपी, कलर व सफेद पेपर, फाइलों की कीमतों में 30 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। पैकिंग मटेरियल की कीमतें भी महंगाई की चपेट में हैं। स्टेशनरी में जो टेप पहले 30 रुपए में आता था, अब उसकी कीमत 40 रुपए, पैकिंग कवर की 20 तक बढ़ गईं।

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