बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा : यूपी बोर्ड और मदरसा बोर्ड से एक ही सत्र में हासिल कर ली डिग्री


बेसिक शिक्षा विभाग में उर्दू शिक्षक के रूप में तैनाती पाने वाले कई अध्यापकों ने यूपी बोर्ड और मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं एक ही शिक्षासत्र में पास कर नौकरी हासिल कर ली है। विभाग ने ऐसी शिकायतें मिलने के बाद उर्दू शिक्षकों के अभिलेखों की जांच कराने का फैसला किया है। इससे फर्जीवाड़ा करने वालों में हड़कंप मच गया है।




जिले में 266 उर्दू शिक्षक तैनात हैं। इनमें कुछ अध्यापकों के अभिलेख फर्जी होने की आशंका जताई जा रही है। नौ शिक्षिकाओं के अभिलेख फर्जी मिलने के बाद बर्खास्ती और एफआईआर की कार्रवाई होने से अब उर्दू शिक्षकों पर भी संकट है। वर्ष 2013-14 से वर्ष 2019-20 तक कुल 266 उर्दू शिक्षकों की तैनाती हुई थी।

विभागीय जानकारों के मुताबिक, उर्दू शिक्षक के रूप में तैनाती पाने वाले अधिकांश शिक्षक वर्तमान में हेडमास्टर हैं। इन शिक्षकों में कुछ ऐसे हैं जिन्होंने एक ही शिक्षासत्र में यूपी बोर्ड और मदरसा बोर्ड से डिग्री हासिल की है। दरअसल, विभाग में अलग-अलग हुए सत्यापन में अभिलेख सही मिले। मगर एक शिक्षासत्र में कोई भी व्यक्ति दो डिग्री नहीं हासिल कर सकता है। अन्य जनपदों में हुए खुलासे के बाद जिले में उर्दू शिक्षकों के अभिलेखों का सत्यापन कराने का फैसला किया गया है।


उर्दू के तीन शिक्षक किए जा चुके हैं बाहर
विभाग में नौकरी हासिल करने के बाद तीन उर्दू शिक्षकों को अभिलेख फर्जी मिलने पर बाहर कर दिया गया था। हालांकि ये शिक्षक नियुक्ति के समय मूल अभिलेखों की जांच में पकड़े गए थे। उस समय इन शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा नहीं दर्ज किया गया था।

उर्दू शिक्षकों के अभिलेखों को लेकर संदेह जताया जा रहा है। जल्द ही जांच कराकर फर्जीवाड़े में शामिल लोगों को बाहर किया जाएगा। – भूपेंद्र सिंह, बीएसए

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