राष्ट्रीय पेंशन योजना निवेश के जोखिम का खुलासा हर तिमाही करना होगा


नई दिल्ली, राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) में निवेश करने वालों के लिए राहत भरी खबर है। अब एनपीएस निवेशकों को इससे जुड़ी योजनाओं में होने वाले जोखिम की जानकारी पहले दी जाएगी। निवेश विकल्प से जुड़ी योजना के जोखिम के आधार पर वे आकलन कर सही एसेट में निवेश का फैसला ले सकेंगे। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेलवपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) ने इसके दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी पेंशन फंड को अब प्रत्येक तिमाही की समाप्ति के बाद 15 दिन में वेबसाइट पर सभी योजनाओं के जोखिम प्रकाशित करना होगा। नए नियम 15 जुलाई 2022 से लागू होंगे।


जोखिम के छह स्तर होंगे

पीएफआरडीए ने अनुसार, निवेशकों को जागरूक करने के लिए पेंशन फंड की योजनाओं के लिए जोखिम के छह स्तर शामिल किए गए हैं। इनमें पहला है कम जोखिम, दूसरा कम से मध्यम जोखिम, तीसरा मध्यम जोखिम, चौथा मध्यम उच्च जोखिम, पांचवा उच्च जोखिम और छठा बहुत अधिक जोखिम शामिल हैं।

ग्राहकों को होगा फायदा
तीन तरह के एसेट इक्विटी, सरकारी सिक्योरिटी और कॉरपोरेट बॉन्ड में लगाने की छूट मिलती है। नए नियम के तहत यदि ग्राहक को लगे कि किसी अन्य एसेट में ज्यादा रिटर्न मिल रहा है तो वह उसे चुन सकता है। अब वे एक से अधिक फंड मैनेजर का चुनाव कर सकेंगे।

यह जानना जरूरी
1. प्रत्येक तिमाही खत्म होने के 15 दिन के भीतर इसे वेबसाइट के पोर्टफोलियो डिस्क्लोजर सेक्शन में देना होगा।

2. निर्धारित जोखिम स्तर की तिमाही आधार पर जांच की जाएगी। इसमें बदलाव होता है तो उसकी जानकारी पेंशन फंड की वेबसाइट के साथ-साथ एनपीएस ट्रस्ट की वेबसाइट पर भी दी जाएगी।

3. पेंशन फंड प्रत्येक वर्ष 31 मार्च तक योजनाओं के बारे में जानकारी वेबसाइट पर प्रकाशित करेंगे।

4. वर्ष में जितनी बार जोखिम स्तर में बदलाव होगा उतनी बार इसकी जानकारी देना अनिवार्य होगा।

जोखिम पता चलेगा
नए बदलाव से ग्राहक अब हर पेंशन फंड की एनपीएस स्कीम का जोखिम जान सकेंगे। इससे उस फंड मैनेजर के एनपीएस में पैसा लगाना आसान हो जाएगा जो ग्राहक के लिए अधिक फायदेमंद हो। एनपीएस में बाजार के हिसाब से रिटर्न मिलता है।

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