मनमाने तरीके से तीन शिक्षकों की नियुक्ति, तत्कालीन डीआइओएस निलंबित


लखनऊ। बुलंदशहर के जिला विद्यालय निरीक्षक शिव कुमार ओझा को निलम्बित कर दिया गया है। उन पर संतकबीर नगर में वर्ष 2018 में डीआईओएस रहते हुए अल्पसंख्यक संस्था में तीन सहायक अध्यापकों की अनियमित नियुक्तियों में लिप्त होने का आरोप है.

संतकबीर नगर में मनमाने तरीके से तीन सहायक अध्यापकों को नियुक्ति देने में तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआइओएस) शिव कुमार ओझा को निलंबित कर दिया गया है। ओझा इस समय डीआइओएस बुलंदशहर के पद पर तैनात हैं। ओझा पर अनुशासनिक कार्यवाही भी शुरू की गई है। वे निलंबन अवधि में शिक्षा निदेशालय प्रयागराज से संबद्ध रहेंगे।


आदर्श जनता इंटर कालेज पचपेड़वा संतकबीर नगर में संस्था प्रबंधक ने तीन सहायक अध्यापकों की नियुक्ति की और अनुमोदन के लिए 16 मार्च को 2018 को पत्रावली डीआइओएस कार्यालय भेजी। डीआइओएस ने 20 जुलाई को अनुमोदन दे दिया। आरोप है कि चयन तय प्रक्रिया में बदलाव करके नियुक्तियां दी गई उनके चयन में भी कई कमियां हैं। प्रबंधतंत्र ने चयन का विज्ञापन हिंदी व अंग्रेजी के राज्य स्तरीय अखबार में नहीं दिए।


रिक्त स्थाई हैं या अस्थाई का उल्लेख नहीं हुआ इसके अलावा पद की न्यूनतम अर्हता, वेतनमान व अन्य भत्तों का उल्लेख भी नहीं किया गया। रिक्त पदों में सामाजिक विज्ञान के पद के लिए नौ, जीव विज्ञान व गणित विषय के लिए छह-छह आवेदन हुए। नियम है कि एक पद के सापेक्ष सात आवेदन होना जरूरी है। ऐसे में दो पदों पर चयन गलत है। इसी तरह से सामाजिक विज्ञान विषय में चयनित शिक्षिका की योग्यता अपेक्षित नहीं है।



इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका हुई। तत्कालीन डीआइओएस ने प्रतिशपथपत्र दाखिल किया, इसमें चयन की अनियमितताओं का उल्लेख नहीं है। प्रमुख सचिव माध्यमिक दीपक कुमार ने जारी आदेश में लिखा है कि तत्कालीन डीआइओएस व कालेज प्रबंधन के बीच साठगांठ रही है। इसीलिए जानबूझकर नियमों की अनदेखी की गई।

इस मामले में अपर मुख्य सचिव व निदेशक माध्यमिक शिक्षा को कोर्ट में उपस्थित होना पड़ा इससे विभाग की छवि धूमिल हुई। अनियमितता में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर तत्कालीन डीआइओएस ओझा को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही अनुशासनिक जांच की कार्यवाही भी होगी। उन्हें आरोपपत्र अलग से दिया जाएगा।

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