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30 October 2024

कॉलेज शिक्षा सेवा चयन आयोग को सीधे नहीं भेजेंगे अधियाचन


प्रयागराज। प्रदेश सरकार ने हाल ही में ऑनलाइन माध्यम से अधियाचन भेजने की व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया है। यह व्यवस्था सभी भर्ती संस्थानों पर लागू की गई है।


नवगठित उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भी ऑनलाइन माध्यम से अधियाचन भेजे जाएंगे, लेकिन कॉलेज सीधे आयोग को नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा निदेशालय के माध्यम से भेजेंगे।

भर्ती में पारदर्शिता के लिए अधिचायन भेजने की इस त्रिस्तरीय व्यवस्था को लागू किया जाएगा।

ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से पहले प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पदों का अधियाचन कॉलेज प्रबंधन की ओर से ऑफलाइन भेजा जाता था और निदेशालय रिक्त पदों का सत्यापन करने के बाद संबंधित भर्ती संस्था
को अधियाचन भेजता था।

अधियाचन भेजने की व्यवस्था में अब काफी बदलाव कर दिया गया है। अब विभाग सीधे भर्ती संस्थानों को ऑनलाइन अधियाचन भेज रहे हैं और इसी आधार पर भर्तियां की जा रही हैं।

इससे भर्ती प्रक्रिया की गति भी तेज हुई है लेकिन अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती के लिए अगर कॉलेज सीधे शिक्षा सेवा चयन आयोग को अधियाचन भेजते हैं तो इसमें गड़बड़ी की आशंका बनी रहेगी।

वहीं, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अब ऑन बोर्ड हो गया है और वह ऑनलाइन अधियाचन प्राप्त करने के लिए तैयार है।


अधियाचन भेजे जाने के नए नियमों के तहत के आयोग अब सीधे ऑनलाइन अधियाचन लेकर भर्ती शुरू कर सकता है लेकिन सवाल यह है कि अशासकीय कॉलेजों के प्रबंधन की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पदों के जो अधियाचन भेजे जाएंगे, उनका सत्यापन कैसे होगा।

उच्च शिक्षा निदेशालय के सूत्रों का कहना है कि बीते दिनों शिक्षा सेवा चयन आयोग की अध्यक्ष और अफसरों के साथ बैठक कर इस बारे में चर्चा की गई है।

प्रबंधन से अगर सीधे अधियाचन स्वीकार किए जाते हैं तो इसमें गड़बड़ी की आशंका बनी रहेगी,

क्योंकि शिक्षा सेवा चयन आयोग के पास रिक्त पदों के सत्यापन की कोई व्यवस्था नहीं है।

सूत्रों के मुताबिक, तय हुआ है कि कॉलेज प्रबंधन पहले उच्च शिक्षा निदेशालय को ऑनलाइन अधियाचन भेजेंगे और पदों का सत्यापन होने के बाद निदेशालय की तरफ से शिक्षा सेवा चयन आयोग को ऑनलाइन अधियाचन भेजा जाएगा।

इस व्यवस्था के तहत अगर कॉलेज प्रबंधन अधियाचन भेजने में कोई गलती करता है तो सत्यापन में वह पकड़ ली जाएगी और भर्ती शुरू होने के बाद पदों से संबंधित विवादों से बचा जा सकेगा



परिणाम जारी करने की व्यवस्था में भी बदलाव की तैयारी

अधियाचन भेजने के साथ परिणाम जारी करने की प्रक्रिया में भी त्रिस्तरीय व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। अगर परिणाम जारी करने की त्रिस्तरीय व्यवस्था लागू होती है तो शिक्षा सेवा चयन आयोग पहले उच्च शिक्षा निदेशालय को रिजल्ट भेजेगा। निदेशालय की वेबसाइट पर रिजल्ट आने के बाद एनआईसी को परिणाम भेजा जाएगा और एनआईसी की ओर से अभ्यर्थियों के प्लेसमेंट लेटर जारी किए जाएंगे।

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