25 March 2026

इस बार पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना 2027, मोबाइल ऐप से होगा डेटा संग्रह

 

जनगणना-2027 होगी पूरी तरह डिजिटल, मोबाइल ऐप से होगा डेटा संग्रह

अलीगढ़। जिले में जनगणना-2027 की तैयारियां तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। इस बार की जनगणना पारंपरिक कागजी प्रक्रिया के बजाय पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। पूरी कवायद दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण 22 मई से 20 जून तक संचालित होगा, जिसमें प्रगणक मोबाइल एप के जरिए घर-घर जाकर सूचनाएं दर्ज करेंगे।

हर घर को मिलेगी यूनिक डिजिटल पहचान

इस बार की जनगणना की खास बात यह है कि प्रत्येक आवास को एक विशिष्ट यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी। घरों को डिजिटल डेटा टैग से जोड़ा जाएगा, जिससे भविष्य में उनकी अलग पहचान सुनिश्चित हो सके। प्रगणक करीब 33 प्रश्नों के आधार पर जानकारी एकत्र करेंगे।

साथ ही नागरिकों को ‘स्व-गणना’ की सुविधा भी दी जाएगी। इसके लिए एक विशेष वेब पोर्टल विकसित किया जा रहा है, जहां लोग स्वयं अपने और अपने परिवार का विवरण दर्ज कर सकेंगे।

प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन

कलक्ट्रेट में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ मंडलायुक्त संगीता सिंह ने किया। इस अवसर पर जनगणना निदेशालय से नामित सांख्यिकी अन्वेषक हिमानी ने अधिकारियों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रशिक्षण की बारीकियों को गंभीरता से समझें, क्योंकि जनगणना के आंकड़े भविष्य की नीतियों और विकास योजनाओं की आधारशिला होते हैं।

डीएम संजीव रंजन ने कहा कि पूरी प्रक्रिया में डेटा की शुद्धता, पारदर्शिता और गोपनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। चूंकि इस बार प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, इसलिए सभी कार्मिकों को तकनीकी पहलुओं की स्पष्ट जानकारी होना आवश्यक है।

मास्टर ट्रेनर्स और नामांकन प्रक्रिया

जिला प्रशासन के अनुसार तीन मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण के लिए नामित किया गया है। इसके अतिरिक्त चार्ज अधिकारी, सुपरवाइजर और प्रगणकों की नियुक्ति भी चरणबद्ध तरीके से की जाएगी।

दो चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया

पहले चरण में आवासीय भवनों और मूलभूत सुविधाओं का विवरण संकलित किया जाएगा। इसके बाद दूसरा चरण 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित विस्तृत जनसंख्या आंकड़े दर्ज किए जाएंगे।

जनगणना के दोनों चरणों के आरंभ से पहले स्व-गणना पोर्टल सक्रिय कर दिया जाएगा, जिससे नागरिक स्वयं भी अपनी जानकारी अपलोड कर सकेंगे। इस डिजिटल पहल से डेटा संग्रह की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध होने की उम्मीद है।