डीएलएड प्रशिक्षु, शिक्षक दे सकेंगे टीईटी
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 के विज्ञापन में बदलाव करते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने डीएलएड प्रशिक्षुओं और सेवारत शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। अब डीएलएड के प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर के प्रशिक्षु और सभी सेवारत सहायक अध्यापक भी टीईटी के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह निर्णय मंगलवार को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की बैठक में लिया गया।
आयोग ने 20 मार्च को टीईटी-2026 का विज्ञापन जारी किया था, जिसमें कुछ ऐसे प्रावधान थे, जिनके कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन से वंचित हो रहे थे। टीईटी के विज्ञापन पर उठे रहे सवालों को आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' ने प्रमुखता से उठाया। 22 मार्च के अंक में 'यूपी-टीईटी के आवेदन से तीन लाख डीएलएड प्रशिक्षु बाहर' और 24 मार्च के अंक में 'टीईटी से हजारों सरकारी शिक्षक भी बाहर' शीर्षक से प्रकाशित
खबरों का संज्ञान लेते हुए आयोग ने मंगलवार को हुई बैठक में इस पर विचार किया। सभी पहलुओं पर विचार के बाद आयोग ने विज्ञापन में संशोधन करने का फैसला लिया।
उप सचिव डॉ. संजय कुमार सिंह की ओर से जारी शुद्धिपत्र के अनुसार अब शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में प्रवेश ले चुके या अध्ययनरत अभ्यर्थी भी टीईटी के लिए पात्र होंगे। पहले केवल अंतिम वर्ष में शामिल और उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को ही पात्र माना गया था, जिसे अब बदल दिया गया है। इस संशोधन से डीएलएड के तीन लाख प्रशिक्षुओं को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा, सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुरूप सेवारत सभी
सहायक अध्यापकों को भी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई है। पूर्व में विज्ञापन में उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी में विशिष्ट बीटीसी को शामिल नहीं करने के बीपीएड, डीपीएड और सीपीएड प्रशिक्षण के आधार पर चयनित अभ्यर्थी बाहर हो गए थे। इन्हें भी शामिल कर लिया गया है। प्राथमिक स्तर की टीईटी के अर्हता की टिप्पणी में बीएड का उल्लेख था, इसे भी विलोपित कर दिया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह संशोधन न्यायालय के आदेश और एनसीटीई के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया है। नए प्रावधान लागू होने के बाद अब अधिक से अधिक अभ्यर्थी टीईटी-2026 में भाग ले सकेंगे।

