10 March 2026

बिना सूचना के गायब चल रहे शिक्षकों पर कार्रवाई, 20 मार्च तक जवाब न देने पर होगी बर्खास्तगी

बिना सूचना के गायब चल रहे शिक्षकों पर कार्रवाई, 20 मार्च तक जवाब न देने पर होगी बर्खास्तगी

सीतापुर। बेसिक शिक्षा विभाग ने लंबे समय से बिना सूचना के अनुपस्थित चल रही चार सहायक अध्यापिकाओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने इन शिक्षिकाओं को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी करते हुए 20 मार्च तक जवाब देने का अंतिम मौका दिया है। यदि तय समय तक संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।

जानकारी के अनुसार इससे पहले भी विभाग ने 27 फरवरी को 13 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया था। अब चार अन्य शिक्षिकाओं पर कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।

ये शिक्षक लंबे समय से चल रहे हैं गैरहाजिर

खैराबाद विकासखंड के कंपोजिट विद्यालय गददीपुर की सहायक अध्यापिका शिवानी सिंह, प्राथमिक विद्यालय पकरिया की नेहा हजारी, महमूदाबाद विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय इंदगापुरवा की स्वाती सिंघल और परसेंडी विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर की निधि यादव लंबे समय से बिना सूचना के गैरहाजिर चल रही हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से इन शिक्षिकाओं के मूल पते पर नोटिस भेजा गया था, लेकिन अभी तक कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है। विभाग का कहना है कि उनकी अनुपस्थिति के कारण स्कूलों में पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

बीएसए ने अब अंतिम अवसर देते हुए कहा है कि 20 मार्च तक जवाब न मिलने पर यह माना जाएगा कि संबंधित शिक्षिकाएं नौकरी करने की इच्छुक नहीं हैं, जिसके बाद उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।


फर्जी अभिलेख मिलने पर भी गायब हो जाते हैं शिक्षक

ऐसे मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। विभागीय जांच में पाया गया था कि कुछ शिक्षकों ने फर्जी अभिलेख लगाकर नौकरी हासिल की थी। जब अभिलेखों के सत्यापन में मामला उजागर हुआ तो कई शिक्षक बिना सूचना के गायब हो गए, जिसके बाद उनकी बर्खास्तगी कर दी गई।

12460 भर्ती में सामने आए फर्जीवाड़े के मामले

वर्ष 2025 में हुई 12,460 शिक्षकों की भर्ती में भी गड़बड़ी सामने आई थी। इस भर्ती में सीतापुर जिले में करीब 1100 शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी। अभिलेखों के सत्यापन में अब तक 28 शिक्षकों के दस्तावेज फर्जी पाए जा चुके हैं, जिन्हें बर्खास्त किया जा चुका है।

अभी लगभग 300 शिक्षकों के अभिलेखों की सत्यापन रिपोर्ट आना बाकी है। रिपोर्ट आने के बाद और भी फर्जी नियुक्तियों का खुलासा होने की संभावना है।

“शिक्षिकाओं को बर्खास्तगी का नोटिस दिया गया है। 20 मार्च तक संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। साथ ही अभिलेखों का सत्यापन भी जारी है।”
अखिलेश प्रताप सिंह, बीएसए