10 March 2026

फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी कर रहे शिक्षक पर कार्रवाई, सेवा समाप्त

 

सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के टाउन नेशनल इंटर कॉलेज में फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी कर रहे शिक्षक के खिलाफ रविवार को जिला विद्यालय निरीक्षक प्रकाश सिंह के निर्देश पर प्रबंधक सनद कुमार पांडेय ने प्राथमिकी दर्ज कराई। साथ ही विद्यालय प्रशासन ने शिक्षक को बर्खास्त कर दिया है।






कोतवाल वीरेंद्र प्रताप त्रिपाठी ने बताया कि वाराणसी जनपद के नहिया गांव निवासी शिक्षक शिवाकांत पांडेय एमएससी और बीएड की कूट रचित डिग्री लगाकर नौकरी कर रहे थे। गोरखपुर विश्वविद्यालय से उनके प्रमाण पत्रों की जांच कराई गई तो पता चला कि उक्त अनुक्रमांक विज्ञान विषय वर्ग में किसी भी छात्र-छात्रा का नहीं है। वहीं बीएड की डिग्री में भी आवंटित अनुक्रमांक दर्ज नहीं मिला। इससे स्पष्ट हो गया कि उनके द्वारा प्रस्तुत किया गया प्रमाण पत्र फर्जी है।


जिला विद्यालय निरीक्षक ने जांच के बाद उक्त शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया। विद्यालय के प्रबंधक सनद कुमार पांडेय ने फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी कर रहे शिक्षक शिवाकांत पांडेय से तत्काल स्पष्टीकरण देने को कहा था, लेकिन उनके द्वारा अब तक कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया।




डीआईओएस की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराने संबंधी पत्र जारी किए जाने के बाद विद्यालय के प्रबंधक ने आरोपी शिक्षक शिवाकांत पांडेय के खिलाफ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराया है। कोतवाली प्रभारी वीरेंद्र प्रताप त्रिपाठी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।


आरोपी शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया


2000 में वाराणसी में हुई थी तैनाती


टाउन नेशनल इंटर कॉलेज के प्रबंधक सनद कुमार पांडेय ने बताया कि शिक्षक शिवाकांत पांडेय की 2000 में वाराणसी के कमलाकर चौबे आदर्श सेवा इंटर कॉलेज में तैनाती हुई थी। 2007 में रसायन विज्ञान के विषय विशेषज्ञ पद पर उनका स्थानांतरण टाउन इंटर कॉलेज सैदपुर में हुआ था। उन्होंने बताया कि 2022 में तत्कालीन प्रधानाचार्य अनिल कुमार विश्वकर्मा ने कागजातों और प्रपत्रों की जांच कराई थी। गोरखपुर विश्वविद्यालय से जब प्रमाण पत्रों का मिलान कराया गया तो रोल नंबर गजट में दर्ज नहीं मिला। इससे प्रमाण पत्रों के फर्जी होने की पुष्टि हुई।