नियुक्ति के लिए फर्जी दस्तावेज लगाने को लेकर संदेह के घेरे में आए सहायक अध्यापकों की फिर से जांच होगी। शासन ने एक माह के भीतर ऐसे अध्यापकों को चिन्हित कर उनकी रिपोर्ट मांगी है। उच्च न्यायालय के आदेश पर अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने शुक्रवार को आदेश जारी कर दिए हैं।
फर्जी अभिलेखों पर नौकरी पाए प्राइमरी के अध्यापकों की एसटीएफ द्वारा जांच की जा रही है, जिसमें अब तक पकड़े जा चुके 200 से अधिक शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। कई जिलों में अभी भी जांच चल रही है। आदेश में एक प्रोफार्मा भी संलग्न किया गया है, जिसमें संदिग्ध अध्यापक के नाम, उनकी नियुक्ति तिथि, उनके फर्जी पाए गए अभिलेखों के अलावा फर्जी अभिलेख किस संस्था द्वारा निर्गत किए गए हैं तथा उस अध्यापक के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई है , इसका पूरा विवरण प्रोफार्मा में भरकर भेजने को कहा गया है। पार्थ सारथी शर्मा ने निर्देश दिए हैं कि सभी मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशक (मण्डल) फर्जी अभिलेखों के आधार पर नियुक्त अध्यापकों के संदेहास्पद अभिलेखों की जांच कर लें।

