राज्य सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत यूपी में उद्योग लगाने या फिर इसी तरह का अन्य कारोबार करने के लिए कृषि भूमि को अकृषि कराने से सोमवार को राहत दे दी है। ऐसी भूमि का भू-उपयोग बदले बिना ही नक्शा पास किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ।
राजस्व संहिता की धारा-80 में दी गई व्यवस्था के मुताबिक कृषि भूमि का अन्य किसी भी उपयोग में लाने के लिए उसे भू-उपयोग बदलवाते हुए अकृषि कराने की अनिवार्यता थी। इसीलिए कृषि भूमि पर नक्शा पास कराने से पहले इसका भू-उपयोग बदलवना पड़ रहा था। इ कैबिनेट की बैठक में सोमवार को उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा-80 में संशोधन के लिए अध्यादेश 2026 को मंजूरी दी गई। इससे विकास प्राधिकरणों, औद्योगिक प्राधिकरणों, विनियमित क्षेत्रों और आवास, विकास परिषद के अधीन क्षेत्रों में गैर-कृषि उपयोग (भू-उपयोग) परिवर्तन की प्रक्रिया को सरल बना दिया गया है। अब यहां अलग से भू-उपयोग बदलवाने की जरूरत नहीं होगी। कृषि भूमि पर नक्शा प्राधिकरण से पास होता है, तो भूमि का भू-उपयोग वही हो जाएगा, जिसके लिए नक्शा पास किया गया है।

