लखनऊ। प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2026-27 की शुरुआत एक अप्रैल से होगी। इस बार नए सत्र में जहां एक ओर अधिक से अधिक बच्चों के नामांकन के लिए स्कूल चलो अभियान को तेज किया जाएगा, वहीं कक्षा एक में नए प्रवेश लेने वाले बच्चों के लिए 12 सप्ताह का स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम भी संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों को औपचारिक शिक्षा के लिए तैयार करना है।
इधर, एक अप्रैल से शुरू हो रहे स्कूल चलो अभियान को लेकर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने भी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने निर्देश दिया है कि नए सत्र से पहले विद्यालयों को साफ-सुथरा और आकर्षक बनाया जाए तथा पहले दिन बच्चों का स्वागत उत्साहपूर्वक किया जाए। अभियान के तहत बालिकाओं, दिव्यांग बच्चों, झुग्गी-झोपड़ी और ईंट-भट्ठों में रहने वाले बच्चों के नामांकन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पोस्टर, बैनर, दीवार लेखन, रैली, प्रभात फेरी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और एलईडी वैन जैसे माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। साथ ही सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत नवप्रवेशित बच्चों को पूर्व-प्राथमिक स्तर की भाषा, प्रारंभिक गणितीय समझ और पर्यावरण से जुड़े मूलभूत प्री-कॉन्सेप्ट से परिचित कराया जाएगा। गतिविधि आधारित इस कार्यक्रम के
माध्यम से बच्चों में सीखने की प्रारंभिक क्षमता विकसित की जाएगी, ताकि वे नियमित पठन-पाठन के लिए सहज रूप से तैयार हो सकें। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी डायट प्राचार्यों और bsa को निर्देश जारी किये हैं.

