लखनऊ, । अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक स्कूलों की प्रबंध समिति में प्रशासनिक अधिकारियों व शिक्षाविद्दों को सीधे सदस्य मनोनीत किए जाने पर रोक लगा दी गई है। प्रबंध समिति में चुनाव के माध्यम से ही अधिकारी व शिक्षाविद सदस्य व अन्य पद ले सकेंगे। वहीं पांच वर्ष के लिए सीमित किए गए कार्यकाल को भी खत्म कर पुरानी व्यवस्था लागू कर दी गई है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक डा. महेंद्र देव की ओर से एडेड माध्यमिक स्कूलों आदर्श प्रशासन योजना को निरस्त कर दिया गया है।

