28 May 2026

आठवें वेतन आयोग से पहले: सरकारी कर्मचारियों की मांग—महंगाई भत्ते (DA) को मूल वेतन में मिलाया जाए

आठवें वेतन आयोग से पहले: सरकारी कर्मचारियों की मांग—महंगाई भत्ते (DA) को मूल वेतन में मिलाया जाए

केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग (8th CPC) को एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के मूल वेतन, भत्तों, लाभों और सेवा शर्तों में बदलाव की सिफारिश करने के लिए 18 महीने का समय दिया है। इस बीच, कर्मचारी संघों ने एक नई मांग उठाई है कि सरकार महंगाई भत्ते (DA) को मूल वेतन में विलय (Merger) कर दे। उनका तर्क है कि ऐसा करने से भविष्य में वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर सरकार पर पड़ने वाला एरियर (बकाया) का बोझ कम हो जाएगा।

'अंतरिम राहत' की मांग

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने में अभी काफी समय है (जून-जुलाई 2027 तक)। यदि सरकार इस अवधि के दौरान महंगाई भत्ते को मूल वेतन में मिला देती है, तो यह कर्मचारियों के लिए 'अंतरिम राहत' के रूप में काम करेगा। इससे बढ़ती महंगाई, ईंधन की कीमतों और दैनिक खर्चों से जूझ रहे कर्मचारियों को बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी।

एरियर का बोझ कम करने का फॉर्मूला

ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने 'द सेक्रेटेरियट' से बातचीत में बताया कि यह सरकार के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि सरकार फिटमेंट फैक्टर को भविष्य में संशोधित करती है, तो वह महंगाई भत्ते को मूल वेतन में मिलाकर आंशिक वेतन वृद्धि अभी दे सकती है, और बाकी का हिस्सा वेतन आयोग की सिफारिशें आने के बाद दिया जा सकता है।

सरकार को फायदा

कर्मचारी संघों का मानना है कि यदि सरकार अभी से महंगाई भत्ते को मूल वेतन में विलय कर देती है, तो वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के समय उसे एकमुश्त भारी भरकम एरियर का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। इससे सरकार पर वित्तीय दबाव कम होगा। साथ ही, इसके आधार पर मकान किराया भत्ता (HRA) और परिवहन भत्ते जैसे अन्य भत्तों को भी समायोजित किया जा सकता है।

संक्षेप में, कर्मचारी संघ चाहते हैं कि 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों का इंतजार करने के बजाय, सरकार महंगाई भत्ते के विलय को 'अंतरिम राहत' के रूप में जल्द से जल्द लागू करे।