17 May 2026

जम्मू-कश्मीर में भी अब शिक्षक नियुक्तियाँ पूर्णतः RTE Act एवं राष्ट्रीय शिक्षक मानकों के अनुसार होंगी ~

 

जम्मू-कश्मीर में भी अब शिक्षक नियुक्तियाँ पूर्णतः RTE Act एवं राष्ट्रीय शिक्षक मानकों के अनुसार होंगी ~ 


30 अप्रैल 2026 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया कि Article 370 हटने के बाद केंद्र सरकार के शिक्षा संबंधी कानून एवं मानक जम्मू-कश्मीर पर भी समान रूप से लागू होंगे। राज्य की ओर से उपस्थित ASG नटराजन ने बेंच को बताया कि अब प्रदेश में Right to Education Act (RTE Act) लागू है, इसलिए शिक्षा व्यवस्था एवं शिक्षक नियुक्तियाँ उसी अधिनियम के अनुरूप संचालित की जाएँगी।


न्यायालय ने कहा कि Article 21A केवल “स्कूल में प्रवेश” का अधिकार नहीं देता, बल्कि बच्चों को “गुणवत्तापूर्ण शिक्षा” उपलब्ध कराना भी राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी है। इसी संवैधानिक उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए अदालत ने Teacher Eligibility Test (TET) को अनिवार्य एवं आवश्यक माना।


निर्णय में पूर्व की “रहबर-ए-तालीम” व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया, जिसके अंतर्गत शिक्षा मित्र मॉडल की तरह मानदेय आधारित नियुक्तियाँ की जाती थीं। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि अब भविष्य की नियुक्तियाँ RTE Act एवं NCTE मानकों के अनुरूप होंगी तथा वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों को भी सेवा में बने रहने हेतु तीन वर्षों के भीतर TET उत्तीर्ण करनी होगी।


पीठ ने Anjuman-e-Nishat judgment के para 166-170 का उल्लेख करते हुए कहा कि TET केवल एक औपचारिक परीक्षा नहीं, बल्कि Article 21A से उत्पन्न “constitutional necessity flowing from the right to quality education” है। अर्थात गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अधिकार से समझौता नहीं किया जा सकता।


साथ ही न्यायालय ने यह भी माना कि रहबर-ए-तालीम योजना के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों को अत्यंत कम मानदेय (लगभग ₹3000/-) प्राप्त हो रहा है। इस पर अदालत ने राज्य सरकार से अपेक्षा की कि वह उनके मानदेय एवं सेवा शर्तों के संबंध में उचित एवं मानवीय व्यवस्था करे। 


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