24 June 2026

उपस्थिति लॉक न होने से वेतन रुका? जानिए वेतन बहाली और एरियर भुगतान की पूरी प्रक्रिया

 

उपस्थिति लॉक न होने से वेतन रुका? जानिए वेतन बहाली और एरियर भुगतान की पूरी प्रक्रिया

लखनऊ।



परिषदीय विद्यालयों में कई बार तकनीकी कारणों या मानवीय भूलवश विद्यालय की मासिक उपस्थिति (Attendance) लॉक नहीं हो पाती है। ऐसी स्थिति में संबंधित माह का वेतन विद्यालय के समस्त कर्मचारियों को समय से प्राप्त नहीं हो पाता, जिससे शिक्षकों एवं कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इसी विषय पर शिक्षकों को जानकारी देते हुए बताया गया है कि यदि किसी विद्यालय में उपस्थिति लॉक नहीं हो सकी है, तो वेतन प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक होगा।

वेतन बहाली के लिए अपनानी होगी यह प्रक्रिया

1. खंड शिक्षा अधिकारी को दें सामूहिक प्रार्थना पत्र

विद्यालय के प्रधानाध्यापक/इंचार्ज द्वारा खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को सामूहिक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया जाएगा। पत्र में यह उल्लेख किया जाएगा कि भूलवश उपस्थिति लॉक नहीं हो पाई है तथा नियमानुसार अवरुद्ध वेतन बहाल करने का अनुरोध किया जाएगा।

2. बीईओ कार्यालय करेगा संस्तुति

खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा संबंधित प्रार्थना पत्र को अपनी संस्तुति के साथ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय को अग्रसारित किया जाएगा।

3. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जारी करेंगे आदेश

प्राप्त संस्तुति के आधार पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा संबंधित माह के अवरुद्ध वेतन की बहाली का आदेश जारी किया जाएगा। यह व्यवस्था कुछ जनपदों में पहले से लागू है।

4. मानव संपदा पोर्टल पर करें एरियर आवेदन

वेतन बहाली आदेश प्राप्त होने के बाद विद्यालय के सभी कर्मचारी अपने-अपने प्रार्थना पत्र एवं आदेश की प्रति संलग्न करते हुए "अवशेष वेतन भुगतान" विषयक PDF तैयार करेंगे और मानव संपदा (Manav Sampada) पोर्टल पर एरियर के लिए आवेदन करेंगे।

5. एरियर के रूप में होगा भुगतान

प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद संबंधित माह का रुका हुआ वेतन कर्मचारियों को एरियर (Arrear) के रूप में भुगतान किया जाएगा, जैसा अन्य एरियर भुगतान मामलों में किया जाता है।

शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह

विशेषज्ञों के अनुसार उपस्थिति लॉक न होने की स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है। निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन कर वेतन बहाली कराई जा सकती है। हालांकि, भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए प्रधानाध्यापकों एवं इंचार्जों को प्रत्येक माह समय से उपस्थिति लॉक करना सुनिश्चित करना चाहिए।

ध्यान दें: विभिन्न जनपदों में स्थानीय प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार प्रक्रिया में कुछ अंतर हो सकता है। इसलिए अंतिम कार्रवाई से पहले अपने BEO/BSA कार्यालय से आवश्यक जानकारी अवश्य प्राप्त करें।