सुल्तानपुर। परिषदीय विद्यालयों में अब जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ और राष्ट्रीय पर्व जैसे विशेष अवसर बच्चों के लिए पौष्टिक आहार की सौगात लेकर आएंगे। शासन ने विद्यालयों में ‘तिथि भोजन’ कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। समाज के संभ्रांत लोग, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, समाजसेवी और स्वयंसेवी संस्थाएं विद्यालयों में बच्चों के लिए तिथि भोजन का आयोजन कर सकेंगे, जिले में इसका आयोजन भी शुरू हो गया है।
जिले में 2064 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। विद्यालयों में पहले से ही पीएम पोषण योजना लागू है। मध्याह्न भोजन प्राधिकरण उत्तर प्रदेश की ओर से तिथि भोजन शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य समुदाय की भागीदारी बढ़ाते हुए बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना और विद्यालयों से सामाजिक जुड़ाव मजबूत करना है। बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कई खाद्य पदार्थों पर रोक लगाई गई है। पनीर, खीर, दलिया और किसी भी प्रकार की मिठाई भी स्वीकार नहीं होगी। बर्गर, पिज्जा, मैगी जैसे जंक फूड और फास्ट फूड के वितरण पर भी प्रतिबंध रहेगा। इसके स्थान पर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध ताजे और मौसमी फल वितरित किए जाएंगे।
तिथि भोजन के दिन नहीं बनेगा एमडीएम
पीएम पोषण योजना के जिला समन्वयक संदीप यादव ने बताया कि तिथि भोजन वाले दिन खाद्यान्न और कन्वर्जन लागत का उपयोग नहीं किया जाएगा। यदि किसी विद्यालय में फल या सूखे मेवे वितरित किए जाते हैं, तब उस दिन मध्याह्न भोजन पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुसार तैयार होगा। छात्र विद्यालय में मध्याह्न भोजन करने के बाद फल या सूखे मेवे अपने साथ घर भी ले जा सकेंगे।

