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09 July 2026

नीट परीक्षा अगले साल कंप्यूटर आधारित होगी



सीसीटीवी न लगाने पर 70 मेडिकल कॉलेजों को चेतावनी



नई दिल्ली, विसं। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाने वाले 70 मेडिकल कॉलेजों को चेतावनी दी है। उन्हें कहा गया है कि वे तत्काल कैमरे लगवाएं नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। दरअसल, आयोग ने 2023 में सभी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश जारी कर परिसर में 25 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने को कहा था, जिनका लाइव फीड एनएमसी को देना है। इसके बाद कई कॉलेजों को रिमांइडर भी भेजे गए, लेकिन जून के अंत तक 70 कॉलेज कैमरे लगाने में नाकाम रहे। अब एनएमसी ने फिर इन कॉलेजों को कहा है कि वे कैमरे लगाएं और उसकी सूचना दें, अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।


सरकार के लिए छात्रों की कोई अहमियत नहीं: राहुल


नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने यूजीसी नेट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर बुधवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नीट के बाद अब यूजीसी नेट परीक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं, पर सरकार बेफिक्र है। क्योंकि लाखों छात्रों की वर्षों की मेहनत की उसके लिए कोई अहमियत नहीं है। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि हरियाणा में यूजीसी नेट परीक्षा से ठीक पहले प्रश्नपत्र का पीडीएफ प्रसारित कर दिया गया, जो केवल राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के पास उपलब्ध होता है।


नई दिल्ली, एजेंसी। मेडिकल स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अगले साल ‘राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा’ (नीट) कंप्यूटर आधारित होगी। इसे छह दिनों में करीब एक हजार केंद्रों पर आयोजित करने की योजना है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।


किसी भी स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए नीट सबसे बड़ी परीक्षा है और इसमें करीब 25 लाख अभ्यार्थी शामिल होते हैं। प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर पैदा हुए विवाद के बाद केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि अगले साल से नीट परीक्षा पारंपरिक कागज-कलम के बजाय कंप्यूटर-आधारित (सीबीटी) होगी।


सूत्रों ने बताया कि इसपर शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्रालयों के बीच कई वर्षों से विचार-विमर्श चल रहा था। एक सूत्र ने बताया कि जेईई की तरह ही यह परीक्षा भी कम से कम छह दिनों तक चलेगी। परीक्षा केंद्रों का चुनाव उनकी विश्वसनीयता और वहां मौजूद आधारभूत संरचना की जांच-पड़ताल के बाद किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इसकी विस्तृत योजना अभी तैयार की जा रही है।


देश में एमबीबीएस की 1,08,000 सीटें: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) हर साल मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए नीट आयोजित करती है। देश में एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए कुल 1,08,000 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें से लगभग 56,000 सीटें सरकारी मेडिकल कॉलेजों और करीब 52,000 सीटें निजी मेडिकल कॉलेजों की हैं। दंत चिकित्सा, आयुर्वेद, यूनानी और सिद्ध जैसे स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए भी नीट के नतीजों का इस्तेमाल किया जाता है।

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