केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' और राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' के गायन एवं वादन से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें सभी राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों सहित केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों को उनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के सही स्वरूप, गायन और निर्धारित प्रोटोकॉल के प्रति व्यापक जन-जागरूकता भी बढ़ाई जाए।
गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव अर्चना खरे ने इस संबंध में पत्र जारी किया है। इसमें समय-समय पर राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान से संबंधित जारी सभी आदेशों को संकलित कर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, गरिमा और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करना है।
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रगान का पूर्ण संस्करण राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति के औपचारिक कार्यक्रमों, राष्ट्रीय सलामी, सैन्य परेड, राष्ट्रीय ध्वज फहराने, औपचारिक राज्य समारोहों तथा अन्य निर्धारित सरकारी अवसरों पर बजाया जाएगा।
मंत्रालय ने निर्देश में यह कहा
1. राष्ट्रीय गीत औपचारिक सरकारी कार्यक्रमों में आमंत्रण और समापन, स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस परेड में गाए जाने, सशस्त्र बलों द्वारा विशेष सम्मान में एवं महत्वपूर्ण अवसरों पर बजाया जाएगा।
2. राष्ट्रीय गीत की भी कोई आधिकारिक अवधि नहीं है। इसे संक्षिप्त रूप से भी प्रस्तुत किया जा सकता है। सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रीय गीत को प्रोत्साहित किया गया है।
3. यदि किसी कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान दोनों गाए या बजाए जाने हों, तो सबसे पहले राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' और उसके बाद राष्ट्रगान 'जन गण मन' प्रस्तुत किया जाएगा।
4. राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान का उच्च स्वर, सही शब्द तथा उचित स्थान पर हर स्थिति में पालन किया जाए। इसके लिए गृह मंत्रालय की 'गृह मंत्रालय का वेबसाइट पर उपलब्ध प्रोटोकॉल' का उपयोग किया जाए।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जन गण मन गाते या बजाते समय सभी लोग सावधान की मुद्रा में खड़े रहेंगे तथा राष्ट्रगान के सम्मान का पालन करना अनिवार्य रूप से निभाया जाएगा।

