यूपी में बेसिक से माध्यमिक तक के सरकारी व निजी स्कूलों में पिछले साल की तुलना में सुविधाओं में बढ़ोत्तरी हुई है। फिर भी अभी स्कूलों में संसाधनों की दरकार है। करीब 40 हजार विद्यालयों में अभी भी बिजली का कनेक्शन नहीं है। वहीं 101407 स्कूलों में कंप्यूटर की सुविधा की दरकार है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की यू-डायस प्लस की रिपोर्ट में पिछले साल की तुलना में प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक के स्कूलों में पिछले साल की तुलना में सुविधाएं बढ़ी हैं। वर्ष 2024-25 के मुकाबले वर्ष 2025-26 में विद्यालयों में संसाधन बढ़े हैं। पिछले साल कुल 262358 स्कूल थे और अब इनकी संख्या बढ़कर 265278 हो गई है। पिछले साल 206331 विद्यालयों में खेल के मैदान थे और अब इस वर्ष 217351 स्कूलों में यह मैदान हैं। अभी भी बेसिक से लेकर माध्यमिक तक के 47927 सरकारी व निजी स्कूलों में खेल का मैदान नहीं है। यू-डायस प्लस की रिपोर्ट में पिछले वर्ष की तुलना में स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं तेजी से बढ़ी हैं।
स्कूलों में छात्रों के ठहराव में हुई बढ़ोतरी
यूपी में स्कूली शिक्षा ले रहे छात्रों का मन अब कक्षाओं में ढंग से लग रहा है। विद्यालयों में उनके ठहराव दर में बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। यू-डायस प्लस की रिपोर्ट में यह सुधार देखने को मिल रहा है। प्राथमिक कक्षाओं में पिछले साल ठहराव दर 86.9 प्रतिशत थी और यह वर्ष 2025-26 में 86 प्रतिशत दर्ज की गई है। उच्च प्राथमिक स्कूलों में पिछले वर्ष यह दर 70.4 प्रतिशत था और वह बढ़ कर 72 हो गया है। कक्षा नौ व कक्षा 10 में यह दर 49.6 प्रतिशत से बढ़कर 55 प्रतिशत पहुंच गई है।
निजी स्कूलों की संख्या बढ़ी
यूपी में निजी स्कूलों की संख्या में पिछले साल की तुलना में बढ़ोत्तरी हुई है। एक वर्ष के भीतर स्कूलों की कुल संख्या में 2913 की बढ़ोत्तरी हुई है। सरकारी स्कूलों की संख्या में कमी आई है। प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक के 69 स्कूल कम हुए हैं। एक एडेड विद्यालय कम हुआ है।

