बाराबंकी। जिले में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना के संचालन से प्रशासक बने 1155 ग्राम प्रधानों से जिम्मेदारी ले ली गई है। व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और भोजन वितरण में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने नई व्यवस्था लागू कर दी है।
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अब विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) के अध्यक्ष एवं प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से एमडीएम खाते का संचालन होगा। यदि एसएमसी अध्यक्ष पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, तो उनके स्थान पर समिति का नामित सदस्य हस्ताक्षर करेगा।
क्या है आदेश?
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक ने बताया कि पूर्व में शासन के निर्देशों के तहत ग्राम प्रधानों के कार्यकाल समाप्त होने के बाद एमडीएम खाते का संचालन विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाना है। इसी व्यवस्था को जनपद के सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
इन अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारी
सभी बीईओ को विद्यालयों में आदेश का शत-प्रतिशत पालन कराने के निर्देश। विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से बैंक खाते संचालन करेंगे। योजना का संचालन, भुगतान, गुणवत्ता और अभिलेखों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
इन विद्यालयों पर होगा लागू
-परिषदीय प्राथमिक विद्यालय
-उच्च प्राथमिक विद्यालय
-सहायता प्राप्त विद्यालय
-राजकीय इंटर कालेज, छह से आठ की क्लासें संचालित होती हैं।
आदेश क्यों जरूरी हुआ
26 मई 2026 को ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद एमडीएम खातों के संचालन को लेकर असमंजस की स्थिति थी। पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के बीच योजना प्रभावित न हो, इसके लिए यह नई व्यवस्था लागू की गई है।
आदेश की प्रमुख बातें
-ग्राम प्रधान अब एमडीएम खाते के संचालक नहीं होंगे।
-एसएमसी अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक संयुक्त रूप से खाता संचालित करेंगे।
-एसएमसी अध्यक्ष चुनाव लड़ने पर नामित सदस्य को अधिकार मिलेगा।
-योजना का संचालन बिना बाधा जारी रहेगा।
-सभी विद्यालयों में तत्काल प्रभाव से आदेश लागू।
-बैंकों को भी नई व्यवस्था के अनुरूप खाते संचालित करने के निर्देश।

