29 August 2026

72825 शिक्षक भर्ती में किसी को नौकरी देने को तैयार नहीं सरकार, सुप्रीम कोर्ट में दिया हलफनामा



सुप्रीम कोर्ट में दिया हलफनामा, रिक्त 6170 पदों पर नियुक्ति को लेकर लंबित हैं याचिकाएं



प्रयागराज, मुख्य संवाददाता। परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में डेढ़ दशक पहले शुरू हुई 72825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती में प्रदेश सरकार अब किसी को नौकरी को देने को तैयार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन अवमानना याचिकाओं में बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि 2011 में शुरू हुई प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विवाद पर कई दौर की न्यायिक कार्यवाही हो चुकी है और अब इस मामले में आगे किसी नियुक्ति का आधार नहीं बचता।


हलफनामे में कहा गया है कि स्टेट ऑफ यूपी बनाम शिव कुमार पाठक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 25 जुलाई 2017 को फैसला देते हुए 66,555 नियुक्तियों को प्रभावित नहीं करने का निर्देश दिया था, जबकि शेष रिक्तियों को नई विज्ञप्ति के माध्यम से भरने के लिए कहा गया था। राज्य सरकार के अनुसार, इसी मामले से जुड़े कई अभ्यर्थियों ने अंतरिम आदेशों के आधार पर नियुक्ति की मांग की है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 16 अप्रैल 2024 को ऐसे दावों को खारिज कर दिया। इसके बाद दायर एसएलपी को भी सुप्रीम कोर्ट ने छह मई 2024 को खारिज कर दिया। निदेशक का कहना है कि विभिन्न न्यायिक आदेशों के बाद यह स्थिति स्पष्ट हो चुकी है कि इस मामले में आगे किसी अभ्यर्थी को अंतरिम आदेश अथवा अन्य आधार पर नियुक्ति नहीं दी जानी है। इसी आधार पर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से वर्तमान अवमानना याचिकाओं और उनसे जुड़ी याचिकाओं को खारिज करने का अनुरोध किया है।



प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए डीएलएड उपयुक्त

बेसिक शिक्षा निदेशक ने अपने जवाब में बीएड और डीएलएड की योग्यता के बीच अंतर का भी उल्लेख किया है। हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए कहा गया है कि प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए डीएलएड प्रशिक्षित अभ्यर्थी उपयुक्त हैं। शीर्ष कोर्ट ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए बीएड को उपयुक्त प्रशिक्षण योग्यता नहीं माना था। हालांकि आठ अप्रैल 2024 के आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने पहले से नियुक्त ऐसे बीएड अभ्यर्थियों को राहत दी थी जिनकी नियुक्ति बिना किसी न्यायालयीन शर्त के हुई थी और विज्ञापन में बीएड को वैध योग्यता माना गया था। चूंकि 72825 प्रशिक्षु भर्ती बीएड अभ्यर्थियों के लिए ही शुरू हुई थी इसलिए अब इन्हें नियुक्ति देना उचित नहीं होगा।