प्रयागराज, । नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए साढ़े चार महीने बीतने के बावजूद कक्षा एक से आठवीं तक के सैकड़ों छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क किताबें और कार्यपुस्तिका उपलब्ध नहीं हो सकी है। शहर के कई सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के कर्मचारी नगर शिक्षा अधिकारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं लेकिन छात्रसंख्या के मुताबिक किताबें नहीं मिल रही। इस अव्यवस्था से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
उदाहरण के तौर पर विद्यावती दरबारी बालिका इंटर कॉलेज, लूकरगंज में कक्षा दो, चार, छह, सात और आठ के कई नवप्रवेशी बच्चों को नि:शुल्क किताब देने के लिए मांगपत्र भेजने के साथ कर्मचारी को भी भेजा जा रहा है। कक्षा छह से आठ तक की 22 छात्राओं को नि:शुल्क किताबें नहीं मिली है। इसी प्रकार हमीदिया गर्ल्स इंटर कॉलेज, डीपी गर्ल्स स्कूल, एनी बेसेंट इंटर कॉलेज की सभी छात्राओं को किताबें नहीं मिल सकी है।
परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालय साउथ मलाका समेत कुछ अन्य स्कूल के बच्चों को भी पूरी किताबें नहीं मिल सकी है।
जानकारों की मानें तो पहले अनुमानित संख्या के आधार पर नि:शुल्क वितरण के लिए पुस्तकों का ऑर्डर दिया जाता था। पिछले कुछ सालों से यू-डायस पोर्टल पर उपलब्ध पिछले साल की छात्रसंख्या के आधार पर किताबों की छपाई कराई जा रही है। इसके चलते स्कूलों में अधिक प्रवेश होने की स्थिति में तमाम बच्चे नि:शुल्क किताबों से वंचित रह जाते हैं। अब चूंकि ये किताबें बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं होती तो ये बच्चे बाहर से भी नहीं ले पाते।
प्रेरणा पोर्टल पर 30 सितंबर तक पंजीकृत छात्रसंख्या के आधार पर नि:शुल्क वितरण के लिए किताबों का ऑर्डर जाता है। यदि किसी स्कूल में अधिक प्रवेश हुआ तो ऐसे बच्चों के लिए किताबों की व्यवस्था करेंगे। - अनिल कुमार, बीएसए

