लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने जिलाधिकारी हरदोई के आदेश पर एक ग्राम प्रधान के खिलाफ लगे आरोपों की जांच कर रिपोर्ट दाखिल करने के बजाय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) द्वारा रोके रखने के मामले पर सख्त रुख अपनाया है। न्यायालय ने बीएसए को अगली सुनवायी पर कोर्ट के समक्ष हाजिर होकर यह बताने को कहा है कि क्यों न उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया जाए।
मामले की अगली सुनवायी 6 अगस्त को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने अंकित कुमार की जनहित याचिका पर दिया। न्यायालय ने पाया कि पिछले वर्ष अगस्त में ही जांच पूरी कर ली गई थी, बावजूद इसके जांच अधिकारी/बीएसए ने उक्त रिपोर्ट जिलाधिकारी को नहीं भेजी। इस पर न्यायालय ने 14 जुलाई को ही पाँच हजार रुपये का हर्जाना लगाया था लेकिन इस बार की सुनवायी में भी न तो हर्जाने की उक्त रकम जमा की गई न ही रिपोर्ट न भेजे जाने का कोई कारण बताया गया। इस पर न्यायालय ने 25 हजार रुपये का और हर्जाना जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, हरदोई पर लगाया है।
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