भारत के निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने शनिवार को हुई बैठक में लिए गए फैसले में कई जानकारियां दीं। निर्वाचन आयोग ने दोहराया कि एसआईआर से जुड़े सभी फैसले मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त डॉ. एसएस संधू और डॉ. विवेक जोशी द्वारा सर्वसम्मति से लिए गए थे।
आयोग ने कहा कि जहां तक मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए फॉर्म-6 में किए गए बदलावों का सवाल है तो सुप्रीम कोर्ट ने इस बदलाव को सही ठहराया है। साथ ही कहा कि गैर-एसआईआर अवधि के लिए, नियमों (मतदाता पंजीकरण नियम 1960) के अनुसार लागू होने वाले फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा।
नीतिगत मामले से संबंधित नहीं थे पत्र : चुनाव आयोग में शनिवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों के बीच हुई बैठक के बाद सर्वसम्मति से यह बयान जारी किया गया। आयोग ने कहा कि दो आयुक्तों डॉ. संधू और डॉ. जोशी द्वारा कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र आयोग या उसके आईटी डिवीजन के किसी नीतिगत मामले से संबंधित नहीं थे, बल्कि आयोग में प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी के कामकाज से जुड़े थे।
नई दिल्ली, । मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान नोटिस मिलने पर सुनवाई के लिए निर्वाचन आयोग के दफ्तर जाने की जरूरत नहीं होगी। बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) घर आकर जरूरी दस्तावेज लेंगे और सत्यापन के बाद ईसीआईनेट (ऐप) पर अपलोड करेंगे।
भारत के निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने शनिवार को हुई बैठक में लिए गए फैसले में यह जानकारी दी। आयोग ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों को नोटिस भेजे गए हैं, उन्हें सुनवाई के लिए निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) या सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) के पास जाने की जरूरत नहीं है। सिर्फ असाधारण परिस्थितियों में ही सुनवाई के लिए कार्यालय बुलाया जाएगा, अन्यथा सुनवाई ऑनलाइन होगी। ऑनलाइन सुनवाई प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा। चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि एसआईआर से जुड़े फैसले सभी की सहमति से लिए गए।
ममता ने भी निशाना साधा, शिवसेना मार्च निकालेगी
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर भाजपा की मदद करने का आरोप लगाते हुए इंडिया गठबंधन की बैठक में आगे की रणनीति तय करने का ऐलान किया। वहीं, तृणमूल ममता गुट के नेता कल्याण बनर्जी ने शनिवार को कहा कि सिर्फ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटा सकती है। कोई दूसरी राजनीतिक पार्टी ऐसा नहीं कर सकती है। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 4 अक्तूबर को मुंबई में एक बड़ा विरोध मार्च आयोजित करेंगे।

