समायोजन मामला माननीय उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच का पूर्ण अपडेट :
शुरुआती सुनवाई (06 अप्रैल 2026):
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि आरटीई (RTE) अधिनियम के तहत अधिशेष (सरप्लस) शिक्षकों का समायोजन जरूरी है, परंतु इस प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता होनी चाहिए। याचिकाकर्ताओं का मुख्य तर्क था कि सत्र के बीच में यू-डायस (UDISE) पोर्टल के असत्यापित और त्रुटिपूर्ण डेटा के आधार पर शिक्षकों को सरप्लस किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि हर स्कूल में न्यूनतम दो शिक्षक देने के साथ यह भी देखा जाए कि अत्यंत कम छात्र संख्या वाले स्कूलों में सरकारी धन और शिक्षकों का समुचित उपयोग कैसे हो। कोर्ट ने राज्य से लिखित निर्देश तलब किए और एकल पीठ के अंतरिम संरक्षण को जारी रखा।
सत्यापन की रूपरेखा (22 अप्रैल 2026):
एकल पीठ के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने निर्देश दिया कि यू-डायस डेटा केवल सांकेतिक रहेगा। 30 अप्रैल 2026 की स्थिति के आधार पर प्रधानाध्यापक और खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) द्वारा प्रमाणित भौतिक सत्यापन डेटा के आधार पर ही न्यूनतम दो शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा। इस डेटा को जिलों की वेबसाइट पर सार्वजनिक करने और ऑफलाइन आपत्तियां प्राप्त कर जिला स्तरीय समिति द्वारा उनका निस्तारण करने का आदेश दिया गया।
सीनियरिटी का सिद्धांत और सुधार (22 मई व 27 मई 2026):
अदालत ने पाया कि 30 अप्रैल के बाद नए प्रवेश होने से छात्र-शिक्षक अनुपात बदला है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि आपत्तियों के निस्तारण से पहले जिलाधिकारी सभी सूचियों का पुनर्सत्यापन करेंगे। अधिशेष शिक्षकों की पहचान में एकरूपता लाने के लिए राज्य भर में 'फर्स्ट-इन, फर्स्ट-आउट' (वरिष्ठता क्रम) लागू करने का निर्देश दिया गया। 27 मई 2026 को टाइपिंग त्रुटि सुधारते हुए आदेश में दर्ज 'उरई' को 'देवरिया' किया गया। (3 जुलाई 2026 को समयाभाव के कारण अगली तिथि 6 जुलाई तय की गई)।
पोर्टल पर 9 कॉलम में डेटा प्रकाशन (06 जुलाई 2026):
राज्य द्वारा यह बताए जाने पर कि पहचान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, न्यायालय ने 1 लाख से अधिक स्कूलों के डेटा को तीन श्रेणियों में विभाजित करने को कहा। इसे आधिकारिक वेबसाइट intradistricttransfer.upsdc.gov.in पर 9 विशिष्ट कॉलमों (जैसे स्कूल का नाम, स्वीकृत पद, कार्यरत शिक्षक, कार्यभार ग्रहण तिथि, 30 अप्रैल 2026 तक छात्र संख्या, आरटीई अनुसार आवश्यकता, आदि) के साथ अपलोड करने का आदेश दिया गया।
आपत्ति दर्ज कराने की व्यवस्था (20 जुलाई 2026):
राज्य ने सूचित किया कि 31,685 शिक्षकों को अधिशेष चिन्हित किया गया है। शिक्षकों की ओर से कहा गया कि विद्यालयों में कार्यरत सबसे वरिष्ठ शिक्षकों को सरप्लस किया जा रहा है, जबकि कनिष्ठ शिक्षकों को बाद में विभाग ने खुद भेजा था। इस पर न्यायालय ने अंतिम अवसर देते हुए संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय में ऑफलाइन आपत्ति दर्ज कराने और उसकी प्रति स्पीड पोस्ट से बेसिक शिक्षा परिषद सचिव को भेजने का विस्तृत तंत्र तय किया।
अनापत्ति वाले शिक्षकों के स्थानांतरण की चरणबद्ध अनुमति (अगस्त व सितंबर 2026):
राज्य सरकार द्वारा पेश की गई विभिन्न रिपोर्टों के आधार पर न्यायालय ने उन शिक्षकों को उसी ब्लॉक के एकल या शून्य शिक्षक वाले स्कूलों में भेजने की अनुमति दी, जिन्होंने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई थी:
05 अगस्त 2026 (रिपोर्ट 1): अमेठी, बहराइच, बलरामपुर, बदायूं और चित्रकूट जिले।
07 अगस्त 2026 (रिपोर्ट 2): अलीगढ़, कौशाम्बी, पीलीभीत, सिद्धार्थनगर और श्रावस्ती जिले।
11 अगस्त 2026 (रिपोर्ट 3): अमरोहा, बांदा, हरदोई, कानपुर नगर और सोनभद्र जिले।
13 अगस्त 2026 (रिपोर्ट 4): फिरोजाबाद, गोंडा, गोरखपुर, हाथरस, कासगंज, कुशीनगर और शाहजहांपुर जिले।
18 अगस्त 2026 (रिपोर्ट 5): औरैया, अयोध्या, बागपत, बलिया, बरेली, बुलंदशहर, एटा और मऊ जिले।
24 अगस्त 2026 (रिपोर्ट 6): आजमगढ़, बस्ती, बिजनौर, फर्रुखाबाद, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, कन्नौज, मथुरा, मेरठ और मिर्जापुर जिले।
31 अगस्त 2026 (रिपोर्ट 7): हमीरपुर, रायबरेली, रामपुर, सहारनपुर, शामली, सुल्तानपुर, देवरिया, गाजीपुर, महराजगंज और संभल जिले।
03 सितंबर 2026 (रिपोर्ट 8): आगरा, बाराबंकी, भदोही, इटावा, जालौन, लखीमपुर खीरी, मैनपुरी, मुरादाबाद, प्रतापगढ़ और उन्नाव जिले।
10 सितंबर 2026 (रिपोर्ट 9): अंबेडकर नगर, चंदौली, हापुड़, ललितपुर, लखनऊ, महोबा, प्रयागराज, संतकबीर नगर, जौनपुर और वाराणसी जिले।
15 सितंबर 2026 (रिपोर्ट 10): फतेहपुर, झांसी, कानपुर देहात, मुजफ्फरनगर और सीतापुर के अनापत्ति वाले शिक्षकों का अंतरिम आदेश समाप्त कर दो हफ्ते में तैनाती आदेश जारी करने का निर्देश दिया गया।
(दिनांक: 13 अक्टूबर 2026)
माननीय न्यायमूर्ति श्री सौमित्र दयाल सिंह जी एवं माननीय न्यायमूर्ति मैडम स्वरूपमा चतुर्वेदी जी की खंडपीठ द्वारा 13 अक्टूबर 2026 को पारित आदेश में मुख्य निर्णय इस प्रकार हैं:
68 जिलों में प्रक्रिया पूरी और 7 जिलों को समय: मुख्य स्थायी अधिवक्ता ने बताया कि जिन शिक्षकों ने कोई आपत्ति दाखिल नहीं की थी, उनके संदर्भ में 75 में से 68 जिलों में पुनर्नियोजन के आदेश जारी कर दिए गए हैं। शेष 7 जिलों के आदेश अगले 10 दिनों में जारी होंगे।
तीन जिलों की आपत्तियों का निस्तारण:
फिरोजाबाद, कुशीनगर और बागपत जिलों से प्राप्त सभी आपत्तियों का निस्तारण राज्य सरकार द्वारा कर दिया गया है और उनके आदेश पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं या 14 अक्टूबर 2026 तक अपलोड कर दिए जाएंगे।
4,234 शिक्षकों को पूर्ण सुरक्षा:
राज्य ने बताया कि 4,234 शिक्षक ऐसे हैं जिन्हें पिछले 5 वर्षों में किसी अन्य शिक्षक के विद्यालय में आने के कारण सरप्लस घोषित किया गया है। उच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि जब तक सभी आपत्तियों का पूर्ण निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक इन 4,234 शिक्षकों को किसी भी प्रकार से हटाया या स्थानांतरित नहीं किया जाएगा।
दो माह में सभी आपत्तियों का निस्तारण: न्यायालय ने राज्य को निर्देश दिया कि वह एक नया हलफनामा दाखिल करे और अगले दो महीनों के भीतर राज्य की समस्त शेष आपत्तियों का चरणबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करे।
अगली सुनवाई:
इस मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर 2026 को नियत की गई है और अंतरिम रोक को अगली तिथि तक बढ़ा दिया गया है।
27 अक्टूबर तक आपत्ति किसको देना है?
किसे देना है:
यह अधिकार केवल फिरोजाबाद, कुशीनगर और बागपत जिले के उन अधिशेष शिक्षकों के लिए है, जो राज्य सरकार द्वारा उनकी आपत्तियों पर लिए गए निर्णय से असंतुष्ट हैं।
कहाँ और कैसे देना है:
इन शिक्षकों को अपनी आपत्ति माननीय उच्च न्यायालय में चल रही इसी विशेष अपील (Special Appeal No. 398 of 2026) में उपयुक्त प्रार्थना पत्र (Appropriate Application) के माध्यम से दाखिल करनी होगी।
यदि एप्लीकेशन देने में कोई दिक्कत हो तो मेरे नंबर 9415226460 पर व्हाट्सएप करेंगे तो पूरी सहायता करूंगा।
अनिवार्य शर्त: इस प्रार्थना पत्र की एक अग्रिम प्रति (Advance Copy) मुख्य स्थायी अधिवक्ता (Chief Standing Counsel - CSC) को 27 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध कराना अनिवार्य है। यदि इस अवधि तक आपत्ति दाखिल नहीं की गई, तो न्यायालय द्वारा ऐसे शिक्षकों के स्थानांतरण की अनुमति दे दी जाएगी।
20 जुलाई 2026 के पुराने आदेश अनुसार (अंतिम तिथि: 27 जुलाई 2026):
पूर्व के आदेश में शिक्षकों को प्रारंभिक आपत्ति संबंधित जनपद के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय में ऑफलाइन माध्यम से व्यक्तिगत रूप से देनी थी, जिसकी अंतिम तिथि 27 जुलाई 2026 थी। आपत्ति की BSA कार्यालय की मुहरयुक्त रसीद की फोटोकॉपी स्पीड पोस्ट द्वारा सचिव, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज को भेजनी थी।
अब विभाग को कोई आपत्ति नहीं देनी है। किसी को कोई दिक्कत हो मेरे सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफॉर्म पर @RahulGPande सर्च करके मुझसे जुड़ सकते हैं।
राहुल पांडे अविचल
Rahul Pandey
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