सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बकाया ट्रैफिक जुर्माना वसूलने के लिए कड़े कदम उठाने का आदेश दिया। शीर्ष अदालत ने यातायात नियमों की अनदेखी पर जारी किए गए ई-चालान के बकाये की वसूली के लिए औचक जांच और जुर्माना जमा नहीं करने वाले वाहनों को जब्त करने के लिए कहा है। पीठ ने एस. राजशेखरन की याचिका पर यह आदेश दिया।
जुर्माना नहीं भरने पर इन सेवाओं पर लगेगी रोक
● वाहनों को जब्त कर लिया जाएगा।
● वाहनों से जुड़ी ऑनलाइन सेवाएं रुक जाएंगी।
● मालिकाना हक ट्रांसफर नहीं होगा। फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा।
यातायात उल्लंघन की एआई आधारित निगरानी की जाए
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा कि राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों, एनएएचआई को एआई आधारित इलेक्ट्रॉनिक एनफोर्समेंट सिस्टम बनाना होगा, जो 12 प्रकार के यातायात उल्लंघनों की पहचान कर सके। इसका मकसद पूरे देश में कानून के मुताबिक ई-चालान जारी करने की सुविधा देना है।

