15 October 2026

यूपी: प्रदेश के शिक्षकों को तोहफा, पांच साल सेवा के बाद प्रधानाचार्य बनने पर मिलेगा इस पद के अनुरूप वेतन


लखनऊ, । परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के पांच वर्ष की सेवा पूरी करने वाले याची शिक्षकों को ही प्रधानाध्यापक पद का वेतन मिलेगा। स्कूलों में प्रधानाध्यापक के खाली पद पर कार्य कर रहे इन कार्यवाहक प्रधानाध्यापकों के लिए हाईकोर्ट के आदेश पर बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

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अपर मुख्य सचिव, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह संशोधित आदेश के अनुसार तथ्यात्मक जांच करें कि याचिकाकर्ता शिक्षक के पास न्यूनतम पांच वर्ष का अनुभव है और वह वास्तव में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्य कर रहा है या नहीं। यदि जांच में बेसिक शिक्षा अधिकारी यह पाते हैं कि यह दोनों शर्तों को पूरा कर रहा है तो उसे प्रधानाध्यापक का वेतन दिया जाएगा। परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में वर्ष 2016 के बाद पदोन्नति नहीं हुई है।


ऐसे में बड़ी संख्या में स्कूलों में प्रधानाध्यापक के पद रिक्त चल रहे हैं। प्रधानाध्यापक के रिक्त पद पर वरिष्ठ शिक्षकों को कार्यवाहक प्रधानाध्यापक बनाया गया है।


कार्यवाहक प्रधानाध्यापक पद पर कार्य कर रहे शिक्षकों ने समान पद समान वेतन की मांग की थी। हाईकोर्ट ने उन्हें इस पर राहत देते हुए प्रधानाध्यापक के पद का वेतन दिए जाने के आदेश दिए थे।


, मगर कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी होना आवश्यक है और वह शिक्षक वास्तव में प्रधानाध्यापक के पद का कार्य कर रहे हों तभी लाभ पा सकेंगे।