लखनऊ। इंजीनियरिंग के कठिन सवाल हों या शोध के लिए नए विचार तलाशने अब एकेटीयू के शिक्षकों और छात्रों को एआई ट्यूटर की मदद मिलेगी। आईआईटी खड़गपुर और नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया की पहल से विकसित एनडीएलआई फर्मी एआई ट्यूटर’ को विश्वविद्यालय अपने संबद्ध संस्थानों में बढ़ावा देगा। इसके जरिए शिक्षक लेक्चर तैयार करने से लेकर विषयों को नए तरीके से समझाने तक में मदद ले सकेंगे, वहीं छात्रों को पढ़ाई के दौरान अपनी शंकाओं का समाधान तलाशने में सहूलियत होगी।
एकेटीयू कुलपति प्रो. जेपी पाण्डेय ने कहा कि एआई ट्यूटर शिक्षकों के लिए वर्चुअल टीचिंग असिस्टेंट की तरह काम करेगा। किसी जटिल तकनीकी विषय को आसान उदाहरणों के साथ समझाने, कक्षा में चर्चा के लिए सवाल तैयार करने और अध्ययन सामग्री को व्यवस्थित करने में इसकी मदद ली जा सकेगी। इससे शिक्षकों को पढ़ाने की तैयारी में सहूलियत मिलेगी और वे छात्रों की व्यक्तिगत समस्याओं पर अधिक ध्यान दे सकेंगे। शोध के क्षेत्र में भी यह नए विचारों की पड़ताल, विषयों को समझने और शोध सामग्री के प्रारंभिक विश्लेषण में सहायक हो सकता है।
छात्रों को हर समय मिलेगी पढ़ाई में मदद
तकनीकी विषयों में कई बार एक ही अवधारणा को समझने के लिए छात्रों को बार-बार मदद की जरूरत पड़ती है। एआई ट्यूटर के जरिए छात्र अपनी शंकाएं पूछकर किसी विषय को अलग-अलग उदाहरणों से समझने का प्रयास कर सकेंगे। इससे परीक्षा की तैयारी, असाइनमेंट और प्रोजेक्ट वर्क में भी मदद मिल सकती है। एकेटीयू इस पहल को अपने संबद्ध संस्थानों तक पहुंचाने के लिए लखनऊ और नोएडा परिसरों में मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा।
एआई का उद्देश्य शिक्षकों की जगह लेना नहीं बल्कि शिक्षण क्षमता को प्रभावी बनाना है। एनडीएलआई फर्मी एआई ट्यूटर से शिक्षक जटिल विषयों को सरल तरीके से समझाने और शोध कार्यों में तकनीकी सहायता ले सकेंगे। छात्रों को शंकाओं का समाधान तलाशने में मदद मिलेगी। प्रो. जेपी पाण्डेय, कुलपति, एकेटीयू

