Census 2027: पहले चरण में छूट गए जेल और संस्थान अब जनगणना में होंगे शामिल, अधिकारियों को निर्देश जारी
Census 2027 News: जनगणना 2027 को लेकर उत्तर प्रदेश में तैयारियां तेज हो गई हैं। पहले चरण में मकानों की गणना के दौरान छूट गए जेल, हॉस्टल, अनाथालय, शरणालय और अन्य संस्थानों को अब दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा। इस संबंध में जनगणना निदेशालय ने प्रदेश के संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, दूसरे चरण में केवल मकानों की गणना ही नहीं होगी, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की गणना भी की जाएगी। ऐसे में पहले चरण में छूट गए संस्थानों और उनमें रहने वाले लोगों का विवरण दर्ज करना महत्वपूर्ण होगा।
पहले चरण में छूट गए थे कई संस्थान
रिपोर्ट के मुताबिक, जनगणना 2027 के पहले चरण में मकानों की गणना की गई थी। इस दौरान कुछ जिलों में जेल, हॉस्टल और अन्य संस्थानों की गणना नहीं हो पाई थी।
अब इन संस्थानों को दूसरे चरण में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वहां रहने वाले लोगों की गणना से कोई भी पात्र व्यक्ति छूट न जाए।
जेल, हॉस्टल और अनाथालय भी होंगे शामिल
दूसरे चरण में जिन संस्थानों का विवरण दर्ज करने पर जोर दिया गया है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
जेल और अन्य सुधार गृह
हॉस्टल एवं छात्रावास
अनाथालय
शरणालय
अन्य आवासीय संस्थान
इन संस्थानों में रहने वाले लोगों का विवरण निर्धारित जनगणना प्रक्रिया के अनुसार दर्ज किया जाएगा।
अधिकारियों को दिए गए विशेष निर्देश
अखबारी रिपोर्ट के अनुसार, जनगणना निदेशालय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पहले चरण में छूट गए संस्थानों को दूसरे चरण में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
इसका उद्देश्य जनगणना के आंकड़ों को अधिक सटीक बनाना और संस्थानों में रहने वाले लोगों की गणना सुनिश्चित करना है।
जनगणना 2027 के दूसरे चरण में होगी प्रत्येक व्यक्ति की गणना
रिपोर्ट में जनगणना निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा के हवाले से बताया गया है कि जब सभी संस्थान शामिल होंगे और प्रत्येक व्यक्ति की गणना होगी, तभी सही आंकड़े प्राप्त हो सकेंगे।
इसलिए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि किसी भी संस्थान या वहां रहने वाले व्यक्ति की गणना छूटने न पाए।
जनगणना के आंकड़ों में क्यों जरूरी है सटीकता?
जनगणना से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग जनसंख्या, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और विभिन्न सरकारी योजनाओं की योजना बनाने में किया जाता है। यदि किसी संस्थान या वहां रहने वाले लोगों की गणना छूट जाती है, तो आंकड़ों की सटीकता प्रभावित हो सकती है।
इसी वजह से पहले चरण में छूट गए संस्थानों को आगामी चरण में शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है।
जनगणना 2027 के तहत उत्तर प्रदेश में पहले चरण में छूट गए जेल, हॉस्टल, अनाथालय, शरणालय और अन्य संस्थानों को दूसरे चरण में शामिल करने की तैयारी है। संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत संस्थानों और उनमें रहने वाले लोगों की गणना पूरी हो।

