UP दरोगा भर्ती 2025: हाईकोर्ट ने अंतिम उत्तर कुंजी को चुनौती देने वाली सभी याचिकाएं खारिज कीं
UP Police SI Recruitment 2025: उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा और समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने भर्ती परीक्षा की अंतिम उत्तर कुंजी (Final Answer Key) को चुनौती देने वाली सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इससे भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।
अंतिम उत्तर कुंजी को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा और समकक्ष पदों की सीधी भर्ती-2025 की अंतिम उत्तर कुंजी के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए उन्हें खारिज कर दिया।
याचिकाकर्ताओं ने अंतिम उत्तर कुंजी में शामिल कुछ प्रश्नों के उत्तरों को चुनौती दी थी। कोर्ट ने विशेषज्ञों की राय और संबंधित तथ्यों पर विचार करने के बाद भर्ती प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
यह आदेश न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की एकल पीठ ने सुनाया।
12 अगस्त 2025 को जारी हुआ था भर्ती विज्ञापन
रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा और समकक्ष पदों के कुल 4,543 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए 12 अगस्त 2025 को विज्ञापन जारी किया गया था।
भर्ती की लिखित परीक्षा 14 और 15 मार्च 2026 को आयोजित की गई थी। इसके बाद 23 मार्च को प्रारंभिक उत्तर कुंजी जारी की गई, जिस पर अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगी गई थीं।
अभ्यर्थियों की आपत्तियों पर विचार करने के बाद 14 जुलाई 2026 को अंतिम उत्तर कुंजी प्रकाशित की गई। इसी दिन लिखित परीक्षा का परिणाम भी घोषित किया गया था।
30 सितंबर 2026 को नियुक्ति पत्र वितरण पर लगी थी रोक
अंतिम उत्तर कुंजी को चुनौती देते हुए कुछ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की थीं। याचिकाकर्ताओं ने भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता और कुछ उत्तरों को लेकर सवाल उठाए थे।
रिपोर्ट के अनुसार, इन याचिकाओं के कारण 30 सितंबर 2026 को प्रस्तावित नियुक्ति पत्र वितरण पर रोक लग गई थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और भर्ती बोर्ड की ओर से अपना पक्ष रखा गया।
विशेषज्ञों की राय पर कोर्ट ने क्या कहा?
हाईकोर्ट ने कहा कि किसी प्रश्न के उत्तर को लेकर अलग-अलग विशेषज्ञों की राय में अंतर हो सकता है। ऐसी स्थिति में परीक्षा कराने वाली संस्था को विशेषज्ञों की राय पर विचार करने के बाद अंतिम निर्णय लेने का अधिकार है।
कोर्ट के अनुसार, अंतिम उत्तर कुंजी जारी होने के बाद बार-बार आपत्तियां उठाने से भर्ती प्रक्रिया और चयन प्रक्रिया में अनिश्चितता पैदा हो सकती है।
इसी आधार पर कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया और अपनाई गई चयन प्रक्रिया में कोई ऐसी अनियमितता नहीं पाई, जिसके कारण हस्तक्षेप जरूरी हो। सभी याचिकाएं खारिज कर दी गईं।
अभ्यर्थियों के लिए क्या है इसका मतलब?
हाईकोर्ट के इस फैसले से अंतिम उत्तर कुंजी को चुनौती देने वाली याचिकाओं के आधार पर भर्ती रोकने की मांग को राहत नहीं मिली है। भर्ती प्रक्रिया में आगे की कार्रवाई संबंधित भर्ती बोर्ड और पुलिस विभाग के आधिकारिक निर्देशों के अनुसार होगी।
महत्वपूर्ण: नियुक्ति पत्र वितरण की नई तारीख और भर्ती के अगले चरणों की जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक सूचना देखें। कोर्ट द्वारा याचिकाएं खारिज किए जाने को सभी अभ्यर्थियों की नियुक्ति पूरी होने की घोषणा न समझें।

