प्रयागराज । प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों के लिए आयोजित विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (स्पेशल टीईटी)-2026 मंगलवार को छह मंडल मुख्यालयों पर हुई। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि परीक्षा में पंजीकृत 1,06,547 अभ्यर्थियों में से कुल 93,681 शामिल हुए। लखनऊ के बप्पा श्री नारायण वोकेशनल इंटर कॉलेज में एक फर्जी परीक्षार्थी पकड़ा गया। वह दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई। आयोग के उप सचिव संजय सिंह के अनुसार महिला अभ्यर्थियों की उपस्थिति 89.25 और पुरुष अभ्यर्थियों की 89.28 प्रतिशत रही।
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प्रयागराज, विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (स्पेशल टीईटी)-2026 मंगलवार को शिक्षकों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं रही। 50 से 55 वर्ष की उम्र में परीक्षा देने पहुंचे शिक्षकों को भी सवालों ने खूब उलझाया। गणित, पर्यावरण, बाल मनोविज्ञान, अंग्रेजी और सामाजिक अध्ययन के कठिन सवालों के बीच हिंदी के प्रश्नों ने भी सोचने पर मजबूर किया। परीक्षा में ‘आगरा’ शब्द का बहुवचन और ‘राम, सीता, लक्ष्मण वन गए’ वाक्य को शुद्ध करने जैसे सवाल भी पूछे गए। अभ्यर्थियों का कहना है कि विशेष टीईटी का पेपर सामान्य परीक्षा से भी कठिन स्तर का था।
प्राथमिक स्तर की परीक्षा देने वाले अनुराग पांडेय, सहायक अध्यापक ने बताया कि हिंदी और बाल विकास को छोड़कर पेपर कठिन था। प्रश्न लंबे थे, जिन्हें हल करने में अधिक समय लगा। भगवतपुर के अकबरपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय के सहायक अध्यापक राजेंद्र कन्नौजिया ने कहा कि पेपर का स्तर जुलाई में हुई यूपी टीईटी से भी कठिन था। बहादुरपुर के दलापुर स्थित कंपोजिट विद्यालय के सहायक अध्यापक अश्विनी वर्मा ने बताया कि जूनियर स्तर के प्रश्न काफी विश्लेषणात्मक और विस्तार वाले थे। इन्हें हल करने में समय लग रहा था। वहीं भगवतपुर के प्राथमिक विद्यालय बरांव की सहायक अध्यापिका तमन्ना ने पेपर को सामान्य बताया। हालांकि उन्होंने भी माना कि भाषा और विषय से जुड़े कुछ प्रश्न कठिन थे।
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