भीषण गर्मी का स्वरूप जानलेवा: तपन का सितम, कक्षा में बेहोश होकर गिरे बच्चे

प्रयागराज : भीषण गर्मी का स्वरूप जानलेवा हो गया है। बदन झुलसाने वाली गर्मी की चपेट में आने से बच्चों का बुरा हाल है। शुक्रवार को कई स्कूलों के बच्चे बेहोश होकर गिर गए। नौबत यहां तक आ गई कि उन्हें अस्पताल भेजना पड़ा। वहीं, कुछ विद्यार्थियों को शिक्षकों ने विद्यालय में प्राथमिक उपचार देकर उनके घर पहुंचवाया। बहादुरपुर ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय रिठैयां में कक्षा पांच की विद्यार्थी सोना, काजल, गायत्री और युवराज बैठे-बैठे बेहोश हो गए। जैसे-तैसे उनके मुंह पर पानी के छीटे मारकर होश में लाया गया। जब स्वास्थ सामान्य हुआ तो उन्हें घर भेज दिया गया। कई अन्य बच्चों को उल्टी व दस्त होने लगी। इसी प्रकार सोरांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय जूड़ापुर दांदूपुर में कई बच्चे बीमार हुए। उन्हें पास के निजी अस्पताल भेजना पड़ा। उच्च प्राथमिक विद्यालय मटियारा सोरांव में बच्चों के साथ रसोइया की भी तबीयत बिगड़ गई। पंखे का नहीं है प्रबंध : अधिकतर प्राथमिक विद्यालयों में पंखे का उचित प्रबंध नहीं है। छात्र-छात्राएं का समय पढ़ने के बजाय कापी-किताब से हवा लेने में बीत रहा है। इनका कहना है कि सुबह 7.30 बजे से 12.30 बजे तक विद्यालय में रहते हैं। वहां पंखा और लाइन न होने से परेशानी हो रही है। यही हाल शहर के कई निजी स्कूलों में भी रहा। उमस भरी गर्मी ने बच्चों को बेहाल किया। कुछ स्कूलों में टेस्ट हो रहे हैं, जिसकी वजह से विद्यार्थियों की जोन की विवशता है।
उच्च प्राथमिक विद्यालय जूड़ापुर दांदूपुर सोरांव में बीमार पड़ी रसोइया lजागरण




खूब पानी पीएं, ठंडी तासीर वाली चीजें खाएं एसआरएन के डा. मनोज माथुर के अनुसार गर्मी में शरीर में पानी की कमी के साथ टाइफाइड, फूड पाइजनिंग जैसी बीमारियां हो रही हैं। इसके अतिरिक्त घमौरी, फंगश इंफेक्शन की भी समस्या देखने में आ रही है। इससे बचने के लिए पानी खूब पीएं, ठंडी तासीर वाली चीजें खाएं। नारियल पानी, बेल, नीबू का शर्बत, लस्सी, मट्ठे व दही का भी प्रयोग करें। गन्ने के जूस में बर्फ डालकर पीना खतरनाक है। चाय, काफी या साफ्ट ड्रिंक्स भी कम लें। नमक का भी अधिक प्रयोग न करें। धूप से आने के बाद तुरंत ठंडा पानी न पीयें। एसी और कूलर भी न चलाएं। शरीर का तापमान सामान्य हो उसके बाद ही एसी में बैठे। धूप से लौटकर तुरंत फेस वाश भी न करें।

गर्मी बढ़ने से स्कूल-कालेजों को बंद करने को लेकर विभागीय अधिकारियों तथा स्कूल प्रबंधन से वार्ता हो रही है। जल्द ही इस पर उचित निर्णय लिया जाएगा। -संजय कुमार खत्री, डीएम

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