कुछ जिलों ने चयन-गुणांक की बजाय आयु के आधार पर बना दी लिस्ट, विवाद होना तय



लखनऊ। चार महीने के भारी जद्दोजहद के बाद अन्तत शनिवार को प्रदेश के सभी जिलों के प्राइमरी के शिक्षकों की ज्येष्ठता सूची पोर्टल पर अपलोड हो गई। ज्येष्ठता सूची के अपलोड हो जाने के बाद अब शिक्षकों के बीच पदोन्नति की उम्मीद बढ़ गई है। कुछ जिलों में सूची में गड़बड़ियों के खिलाफ शिक्षकों की नाराजगी सामने आने लगी है। सम्भल, कन्नौज, प्रयागराज, आगरा, बिजनौर, गोरखपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी में अधिक शिक्षकों ने सूची का विरोध किया है क्योंकि वहां जन्म तिथि के आधार पर सूची तैयार कर दी गई है। जबकि चयन गुणांक के आधार पर सूची तैयार की जानी थी।


यहां यह उल्लेखनीय है कि बीते 20 फरवरी तक शिक्षकों की ज्येष्ठता सूची पोर्टल पर अपलोड की जानी थी जो आज हुई है। इस चार महीने की अवधि के दौरान ज्येष्ठता सूची पोर्टल पर अपलोड करने के लिए कई तिथियां तय की गई लेकिन हर सूची पूर्ण नहीं होने के कारण तिथियां आगे बढ़ाई जाती रही। कुल 11 बार तिथियां निर्धारित की गई लेकिन उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद को हर बार इसे बढ़ानी पड़ी। अन्त में 20 मई को सभी जिलों की सूची तैयार होकर पोर्टल पर अपलोड कर दी गई। 


विदित हो कि ज्येष्ठता सूची फाइनल हुए बिना शिक्षकों की पदोन्नति नहीं हो सकती है। चूंकि प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों के कई सालों से प्रोन्नति नहीं हुई है लिहाजा शिक्षकों को सूची का बेसब्री से इंतजार था। इस साल फरवरी में प्रोन्नति की प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन उससे पहले की (ज्येष्ठता सूची तैयार करने की ) प्रक्रिया को पूरी करने में ही भारी लापरवाही बरती गई। ज्येष्ठता सूची फाइनल करने के लिए डेट पर डेट घोषित की जाती रही लेकिन हर बार समय बढ़ाना पड़ रहा था।


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