नए खेलों की जानकारी नहीं, खेल शिक्षक कैसे करा सकेंगे प्रशिक्षण


प्रतापगढ़। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शैक्षिक सत्र 2024-25 में खेल प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए स्पोर्ट्स फॉर स्कूल कार्यक्रम शुरू किया और नौ नए खेलों को शामिल किया गया। कुछ खेल तो ऐसे हैं जिनका नाम विद्यार्थियों और खेल शिक्षकों ने कभी सुना नहीं। ऐसे में इन खेलों का हिस्सा विद्यार्थी कैसे बन पाएंगे यह बड़ा सवाल है।


जिले में 43 राजकीय, 78 अनुदानित सहित कुल 667 हैं। कुछ कॉलेजों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश में व्यायाम शिक्षक कार्यरत हैं। एक अप्रैल से शुरू हुए नए शैक्षिक सत्र 2024-25 में माध्यमिक शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों में खेल को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। इस बार खेल सूची में नौ नए खेलों को शामिल किया गया है। शतरंज के साथ ही गतका, कलारीपयट्टू, थांग ता जैसे खेलों को शामिल किया गया है।

विद्यालयों में तैनात अधिकांश व्यायाम शिक्षकों को गतका, कलारीपयट्टू, थांग ता खेल के बारे में जानकारी ही नहीं है। शिक्षक एक दूसरे साथी से नए खेल के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। सप्ताह में एक बार आयोजित होने वाली खेलकूद प्रतियोगिता में इन खेलों के आयोजन को लेकर शिक्षक परेशान है। ऑनलाइन खेल को सर्च करने की कोशिश की जा रही है। मगर, इन खेलों का प्रशिक्षण न होने के कारण व्यायाम शिक्षक इन नए खेलों को संचालित नहीं कर पाएंगे। डीआईओएस सरदार सिंह ने कहा
 कि खेल को बढ़ावा देने के लिए नौ नए खेल जोड़े गए हैं.

सप्ताह में एक बार खेल गतिविधियां विद्यालय में आयोजित करने का आदेश दिया गया है। कुछ खेलों के नाम नए हैं। स्टेडियम में संपर्क कर व्यायाम शिक्षकों को नए खेलों का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। उसके बाद विद्यालयों में इन खेलों की गतिविधियां होंगी।




इन खेलों को किया गया शामिल

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शतरंज, थांग ता, गतका, कलारीपयट्ट, जिम्नास्टिक, लॉन टेनिस, तीरंदाजी, जूडो व सॉफ्ट बॉल खेल को शामिल किया है। सभी खेलों का प्रशिक्षण जुलाई माह से सप्ताह में एक बार दिए जाने का निर्देश दिया गया है।


महत्वपूण हैं जोड़े गए खेल

थांग ता: यह मणिपुर राज्य का मार्शल आर्ट खेल है। तलवार और भाले के साथ खेला जाने वाला यह खेल आत्मरक्षा और युद्ध कला की पारंपरिक गतिविधि है। इसमें खिलाड़ी तलवार, ढाल और भाले के साथ खेलते हैं।


कलारीपयटूः- यह केरल के मार्शल आर्ट का नाम है। यह लाठी और चाकू चलाने में महारत हासिल करने वाला खेल है। यह व्यक्तिगत युद्ध परीक्षण की एक प्रणाली है। गतकाः इसे गुरुमुखी और शाहमुखी से नाम से भी जाना जाता है। यह लाठी लड़ाई की एक मार्शल आर्ट शैली है। पंजाब में इसका प्रशिक्षण दिया जाता है।