यूपी की मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) में 2.89 करोड़ (18.71%) मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं। राज्य में 15.44 करोड़ वोटर थे, जो अब 12.55 करोड़ रह गए हैं।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने मंगलवार को मसौदा मतदाता सूची जारी की। इसके अनुसार, वोटर लिस्ट में शामिल 12.55 करोड़ मतदाताओं में से 91.75 प्रतिशत की मैपिंग कर ली गई है। जिन लोगों के नाम मैपिंग में नहीं मिले हैं, उन 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी कर दस्तावेज मांगे जाएंगे। मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां छह फरवरी तक की जा सकेंगी। अंतिम मतदाता सूची छह मार्च को जारी होगी।
सूची में सबसे ज्यादा 12 लाख मतदाताओं के नाम लखनऊ में कटे हैं। महोबा में सबसे कम 85,354 वोटरों के नाम ही कटेंगे। सीईओ रिणवा ने बताया कि अभी सिर्फ नई मतदाता सूची ही एसआईआर के बाद तैयार करने के निर्देश हैं। उन्होंने बताया कि सूची में जिन लोगों के नाम कटे हैं वे 13 दस्तावेजों में से कोई एक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को देंगे। सीईओ ने बताया कि 27 अक्तूबर को फ्रीज की गई मसौदा मतदाता सूची में मतदाता की जो तस्वीर थी, वही रहेगी। ऐसे तमाम मतदाता हैं जिन्होंने गणना प्रपत्र पर नवीनतम तस्वीर नहीं लगाई है, मगर उनकी मैपिंग हो गई है। जिन्होंने लोगों ने तस्वीर उपलब्ध करा दी है उनकी मतदाता सूची में वही नवीनतम तस्वीर अपडेट हो जाएगी।


