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07 January 2026

वार्षिकोत्सव के लिए मिले 1200, खेल महोत्सव पर खर्च होंगे 300 रुपये

 


संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों में खेल महोत्सव और वार्षिकोत्सव के लिए क्रमशः 300 और 1200 रुपये आवंटित किए गए हैं। निदेशक राज्य परियोजना ने सभी बीएसए को कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षक संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि इस धनराशि में तो टेंट भी नहीं लगाए जा सकते हैं। इतनी कम रकम में आयोजन संभव नहीं है।


जिले में 1247 परिषदीय स्कूल और सात कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के लिए बजट आवंटित किया गया है। जिले के परिषदीय स्कूलों में 1200 रुपये प्रति विद्यालय के हिसाब से जारी हुआ। जबकि सभी कस्तूरबा के लिए भी यही रकम जारी हुई है। परिषदीय और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में खेल महोत्सव होगा। खेलकूद की सामग्री की व्यवस्था व दौड़ प्रतियोगिता के लिए ट्रैक बनाए जाने के लिए कम्युनिटी मोबलाइजेशन मद से प्रति विद्यालय तीन सौ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें खेलकूद प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार (प्रत्येक कक्षा के लिए प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार) दिया जाएगा। वहीं, वार्षिकोत्सव के लिए विद्यालय की साज-सज्जा, टेंट, कुर्सियां, दरी, पुरस्कार व सभी अभिभावकों के जलपान की व्यवस्था के लिए एसएमसी ट्रेनिंग मद से 12 सौ रुपये प्रति विद्यालय खर्च किया जाएगा। यह आयोजन सभी विद्यालयों में 31 जनवरी तक करना अनिवार्य है।


खेलकूद गतिविधियां


- कक्षा तीन से पांच के बच्चों के लिए 50 तथा 100 मीटर की दौड़।


- कक्षा पांच से आठ के बच्चों के लिए 100 तथा 200 मीटर की दौड़।


- समस्त बच्चों की रिले रेस।


वर्तमान समय में खेल सामग्री, पुरस्कार, प्रमाणपत्र, मंच सज्जा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य व्यवस्थाओं की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह राशि केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। इस राशि को बढ़ाया जाना जरूरी है। -नवीन त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ


तीन सौ रुपये में न तो बच्चों के लिए खेल सामग्री खरीदी जा सकती है और न ही प्रतियोगिता को प्रभावी ढंग से आयोजित किया जा सकता है। इसी प्रकार 1200 रुपये में वार्षिकोत्सव जैसे महत्वपूर्ण शैक्षिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन करना व्यावहारिक नहीं है। -अंबिका देवी यादव जिलाध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ


खेलकूद प्रतियोगिता और वार्षिकोत्सव के लिए दी जाने वाली धनराशि में यथाशीघ्र वृद्धि की जाए, ताकि विद्यालयों में इन गतिविधियों का आयोजन गरिमा और उद्देश्य के अनुरूप किया जा सके। -केसी सिंह, कोषाध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ

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