07 January 2026

तय समय पर होगी एलटी ग्रेड परीक्षा, आठ जनवरी को जारी होंगे प्रवेश पत्र

 उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 17 व 18 जनवरी को सहायक अध्यापक, प्रशिक्षित स्नातक (एलटी ग्रेड) प्रारंभिक परीक्षा-2025 कराने जा रहा है। इसके लिए आठ जनवरी को आयोग की वेबसाइट https://uppsc.up.nic.in पर अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र जारी कर दिए जाएंगे।

 


अभ्यर्थी परीक्षा स्थगित करने की मांग कर रहे थे। उनका तर्क था कि 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के स्नान पर्व के कारण आवागमन में दिक्कत होगी, इसलिए पूरे प्रदेश की परीक्षा स्थगित की जाए जबकि आयोग ने इस समस्या के मद्देनजर प्रयागराज में कोई परीक्षा केंद्र नहीं बनाया था। बुधवार को आयोग के अनुसचिव ओंकार नाथ सिंह ने विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट कर दिया कि परीक्षा 17 व 18 जनवरी 2026 को ही होगी।


 


17 जनवरी को सुबह नौ से 11 बजे के सत्र में सामाजिक विज्ञान और अपराह्न तीन से शाम पांच बजे के सत्र में जीव विज्ञान की परीक्षा होगी। वहीं, 18 जनवरी को सुबह नौ से 11 बजे के सत्र में अंग्रेजी और अपराह्न तीन से शाम पांच बजे के सत्र में शारीरिक शिक्षा विषय की परीक्षा होगी। इन चार विषयों में एलटी ग्रेड शिक्षक के कुल 1826 पद हैं।


आयोग के अनुसचिव ओंकार नाथ सिंह के अनुसार 17 जनवरी को प्रथम सत्र में आयोजित सामाजिक विज्ञान विषय में भूगोल, इतिहास, अर्थशास्त्र व नागरिक शास्त्र के चार खंड होंगे। प्रत्येक खंड में 60-60 प्रश्न होंगे। अभ्यर्थियों को किन्हीं दो खंडों का चयन कर उत्तर देना होगा। इसके अलावा 30 प्रश्न सामान्य अध्ययन के होंगे।



अभ्यर्थी बृहस्पतिवार से अपने ओटीआर नंबर के माध्यम से प्रवेश पत्र एवं अनुदेश डाउनलोड कर सकेंगे। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से एक घंटा 30 मिनट पहले प्रवेश दिया जाएगा और परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से 45 मिनट पहले प्रवेश बंद कर दिया जाएगा।

अंतरीक्षक को देनी होगी आईडी प्रूफ की छायाप्रति


अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में दो फोटो एवं आईडी प्रूफ की मूल एवं छायाप्रति अपने साथ रखनी होगी। कक्ष में अंतरीक्षक को आईडी प्रूफ की एक छाया प्रति अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी।


नकल में पकड़े गए तो आजीवन कारावास


एलटी ग्रेड प्रारंभिक परीक्षा में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के प्रावधान लागू रहेंगे। इस अधिनियम के अनुसार परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करना, नकल करना या नकल कराना, प्रश्नपत्र का प्रतिरूपण करना या प्रकट करना या प्रकट करने का षड़यंत्र करना आदि कृत्य अपराध की श्रेणी में आते हैं। ऐसे प्रकरणों में एक करोड़ तक का जुर्माना और आजीवन कारावास तक की सजा, दोनों ही हो सकती है।


किस विषय में कितने पद


विषय - पुरुष - महिला


सामाजिक विज्ञान - 561 - 140


जीव विज्ञान - 185 - 29


अंग्रेजी - 540 - 113


शारीरिक शिक्षा - 203 - 55