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07 January 2026

व्यावसायिक संपत्ति ₹5000 में अपनों के नाम दर्ज करा सकेंगे

 

लखनऊ। प्रदेश में निवेश-रोजगार सृजन की गति बढ़ाने के लिए उप्र वैश्विक क्षमता केंद्र नीति-2024 की नियमावली तैयार की गई है। कैबिनेट बैठक में नियमावली-2025 को स्वीकृति दी गई। इसके लिए एसओपी तैयार की गई है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 21 कंपनियों ने निवेश प्रारंभ कर दिया है। इन कंपनियों में 10 हजार से अधिक नौकरियां मिलेंगी।  



लखनऊ, विशेष संवाददाता। राज्य सरकार ने आवासीय और कृषि की तरह औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियां भी 5000 रुपये में अपनों के नाम पर करने की सुविधा दे दी है। इसके साथ उसे एक प्रतिशत निबंधन शुल्क भी देना होगा। यह व्यवस्था तीन पीढ़ियों से अधिक पारंपरिक वंशजों के बीच लागू होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ।


स्टांप-न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि स्टांप और रजिस्ट्रेशन विभाग ने तीन अगस्त 2023 की अधिसूचना जारी कर अचल संपत्ति का दान परिवार के सदस्यों में करने के लिए छूट देते हुए 5000 रुपये स्टांप पर करने की सुविधा दी थी। उस समय यह छूट आवासीय और कृषि संपत्तियों पर दी गई थी। उन्होंने बताया कि 2022 से पहले तक परिवार के रिश्ते में यदि कोई प्रॉपर्टी देता था तो उसे सर्किल रेट के बराबर पूरा स्टांप शुल्क देना पड़ता था। यह शुल्क शहर में सात प्रतिशत और गांवों में पांच प्रतिशत था। अब 5000 के स्टांप पर संपत्तियों का बंटवारा किया जा सकेगा। 

किराया रजिस्ट्रेशन पर 90% तक शुल्क कटौती


योगी सरकार ने किराया रजिस्ट्रेशन को भी बेहद आसान और सस्ता बना दिया है। स्टांप ड्यूटी और निबंधन शुल्क में 90 प्रतिशत तक की कमी की गई है। नई दरों के अनुसार अलग-अलग किराया अवधि और वार्षिक किराया श्रेणियों में पहले की तुलना में शुल्क में भारी गिरावट आई है, जिससे आम नागरिक आसानी से रेंट एग्रीमेंट का पंजीकरण करा सकेंगे।

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