यूपी में 5000 के स्टांप पर संपत्तियों की रजिस्ट्री लेने पर पाच साल दूसरों को नहीं दे सकेंगे। क बार गिफ्ट डीड में रजिस्ट्री हुई संपत्तियां पांच साल तक दूसरे के नाम पर दान नहीं दी जा सकेंगी।
योगी सरकार ने औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों को परिजनों के बीच गिफ्ट डीड में 5000 रुपये के स्टांप व एक प्रतिशत शुल्क पर करने की सुविधा दे दी है। एक बार गिफ्ट डीड में रजिस्ट्री हुई संपत्तियां पांच साल तक दूसरे के नाम पर दान नहीं दी जा सकेंगी। इसको लेकर शर्त रख दी गई है।
स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के प्रमुख सचिव अमित गुप्ता ने शुक्रवार को गिफ्ट डीड रजिस्ट्री से संबंधित नई अधिसूचना जारी की। विभागीय मंत्री रवींद्र जायसवाल के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार ने निकट पारिवारिक संबंधियों के पक्ष में गिफ्ट डीड रजिस्ट्री की सुविधा प्रदान की है।
यह सुविधा पुत्र, पुत्री, पिता, माता, पति, पत्नी, पुत्रवधू, सगा भाई, सगे भाई के निधन की स्थिति में उसकी पत्नी, सगी बहन, दामाद, पौत्र एवं पौत्री के पक्ष में लागू होगी। रजिस्ट्री केवल संबंधित पात्र व्यक्ति के नाम पर ही की जा सकेगी।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह प्रावधान किसी भी वैधानिक या विधिक इकाई—जैसे फर्म, कंपनी, ट्रस्ट या संस्था—पर लागू नहीं होगा, चाहे वह दानकर्ता हो या दान प्राप्तकर्ता। साथ ही, ऐसी किसी इकाई के स्वामित्व वाली संपत्ति पर भी यह सुविधा प्रभावी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि पहले यह सुविधा केवल आवासीय और कृषि संपत्तियों के लिए उपलब्ध थी, लेकिन अब इसे औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों तक भी विस्तारित कर दिया गया है। इसके तहत गिफ्ट डीड की रजिस्ट्री मात्र 5,000 रुपये के स्टांप शुल्क और एक प्रतिशत पंजीकरण शुल्क पर की जा सकेगी।
स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की ओर से जारी प्रावधान के अनुसार, गिफ्ट डीड के जरिए रजिस्ट्री कराई गई संपत्ति को अगले पांच वर्षों तक किसी अन्य व्यक्ति के नाम दान नहीं किया जा सकेगा। इस संबंध में स्पष्ट शर्त निर्धारित की गई है, ताकि इस सुविधा का दुरुपयोग न हो। सरकार का उद्देश्य परिजनों के बीच संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया को सरल बनाना है।

