लखनऊ, । राज्य सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए भवन निर्माण व भू-उपयोग बदलने की प्रक्रिया को और सरल बनाने जा रही है। इसके लिए पूर्व में बनी नीतियों की बाधा को दूर करते हुए और सरल किया जाएगा। सचिव आवास की अध्यक्षता में इसके लिए समिति बनाई गई है। समिति एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देगी।
प्रमुख सचिव आवास पी गुरुप्रसाद ने इस संबंध में मंगलवार को शासनादेश जारी कर दिया है। प्रमुख सचिव आवास ने इसके आधार पर चार सदस्यीय समिति बनाई है। सचिव आवास अध्यक्ष, मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक सदस्य संयोजक, उपाध्यक्ष लखनऊ, गाजियाबाद व वाराणसी विकास प्राधिकरण और निदेशक आवास बंधु सदस्य बनाए गए हैं। समिति एक सप्ताह में इन नीतियों का अध्ययन करते हुए अपनी रिपोर्ट एक सप्ताह में शासन को उपलब्ध कराएगी। इसके आधार पर जरूरत पर नीतियों में संशोधन किया जाएगा। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट सचिव केंद्र सरकार द्वारा जारी अखिल भारतीय रैकिंग में यूपी को पहला स्थान मिला है। अब कंप्लायंस रिडक्शन एंड डी-रेगुलेशन फेज-2 लागू होना है। इसके मुताबिक राज्यों को ऐसी व्यवस्था देनी है, जिससे लोगों का जीवन सरल हो और व्यापार उद्योग बढ़े। दूसरे चरण में भूमि, भवन और निर्माण, ऊर्जा, बिजली, श्रम, फायर, पर्यावरण, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा व शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सुधार के लिए नियमों में ढील दिया जाना है। आवास विभाग को भवन निर्माण के साथ भू-उपयोग बदलने की नीतियों की प्रक्रिया को सरल करना है।

