28 January 2026

पद से इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री निलंबित

 बरेली, शंकराचार्य और उनके शिष्यों के कथित अपमान और यूजीसी के नए नियम के विरोध में अपने पद से इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया गया है। शासन ने प्रशासनिक पद पर रहते हुए सरकार विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ सोमवार देर रात ही निलंबन की कार्रवाई की।



अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के आदेश भी दिए गए हैं और पूरे मामले की जांच बरेली के कमिश्नर भूपेंद्र एस. चौधरी को सौंपी गई है। निलंबन की अवधि में अलंकार अग्निहोत्री को डीएम कार्यालय शामली से संबद्ध किया गया है। 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने 27 मई, 2025 को बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यभार संभाला था। सोमवार को उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लिया।


दोपहर दो बजे उन्होंने शंकराचार्य और उनके शिष्यों के अपमान तथा यूजीसी के नए नियम के विरोध में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस्तीफे की घोषणा कर दी। इस्तीफा राज्यपाल, मुख्य निर्वाचन आयुक्त और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजने की बात कही। इसके बाद उन्होंने प्रशासन पर खुद को बंधक बनाने का आरोप भी लगाया। सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रक्रियागत इस्तीफा नहीं भेजा है। नियमत: उन्हें डीएम को इस्तीफा भेजना चाहिए था।


डीएम अविनाश सिंह ने बंधक बनाए जाने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट स्वयं यूजीसी नियमों और कुछ प्रशासनिक विषयों पर चर्चा के उद्देश्य से मेरे आवास पहुंचे थे।


अलंकार बोले- मैं हाउस अरेस्ट: दो दिन से चले आ रहे हंगामे के बाद प्रशासन ने एडीएम कंपाउंड को लगभग पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। मुख्य गेट पर आवाजाही सीमित करते हुए पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई है। परिसर की निगरानी के लिए अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर खुद को ‘हाउस अरेस्ट’ बताया है।


शंकराचार्य से मिला ऑफर : अलंकार अग्निहोत्री और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच फोन पर बातचीत हुई। शंकराचार्य ने कहा कि भले ही सरकार का दिया पद अब अलंकार के पास न हो, लेकिन धर्म के क्षेत्र में उन्हें उससे भी बड़ा दायित्व सौंपने का प्रस्ताव वे रखते हैं।



इस्तीफा देने वाले पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री मूल रूप से कानपुर के रहने वाले हैं। कानपुर से ही उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई की और 1998 में यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रदेश में 21वां स्थान प्राप्त किया था। इसके बाद आईटी-बीएचयू (अब आईआईटी-बीएचयू) से मेटलॉर्जिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। करीब दस वर्ष तक निजी क्षेत्र में कंसल्टेंट के रूप में कार्य भी किया। बाद में उन्होंने प्राइवेट नौकरी छोड़कर सिविल सेवा की तैयारी की और पहले ही प्रयास में 2019 में यूपीपीएससी परीक्षा में 15वीं रैंक हासिल की। वे उन्नाव, बलरामपुर और एटा में एसडीएम तथा लखनऊ में सहायक नगर आयुक्त के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। 20 मई, 2025 को उन्हें बरेली का सिटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था।


...इसलिए निलंबित किए गए अलंकार


प्रयागराज। सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद उनके निलंबन की कार्रवाई को लेकर मंगलवार को दिनभर प्रशासनिक हल्के में चर्चाएं होती रहीं। अलंकार अग्निहोत्री का कहना है कि जब उन्होंने इस्तीफा दे दिया था, तो फिर उन्हें निलंबित किए जाने का क्या औचित्य है। इस सवाल पर कानून के जानकार ने निलंबन की कार्रवाई को नियमों के अनुरूप बताया।