नोटिस पर जल्द सुनवाई को 6948 एईआरओ और तैनात
सीईओ ने पार्टियों का आह्वान किया ज्यादा भरवाएं फॉर्म-6
सुनवाई को 10 किमी दूर बुलाने पर आपत्ति
जिन मतदाताओं को नोटिस जारी हुई है, उनमें से कई को 10 किलोमीटर दूर सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है। राजनीतिक दलों की ओर से इस पर आपत्ति जताई गई है। वहीं कई वोटरों को बिना किसी त्रुटि के नोटिस जारी होने पर सवाल उठाए।
मतदाता सूची में लिखे गए मलयालम में नाम
मतदाता सूची में हिंदी की जगह मलयालम में प्रकाशित कर दिए गए हैं। राजनीतिक दलों के साथ हुई बैठक में यह मुद्दा उठाया गया । वाराणसी की कैंट विधानसभा क्षेत्र की ड्राफ्ट मतदाता सूची में दो मतदाताओं के नाम मलयालम में प्रकाशित हो गए हैं। शिकायत के बाद जाँच की जा रही है ।
लखनऊ, विशेष संवाददाता। यूपी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के तहत जिन मतदाताओं को नोटिस जारी की गई है उनकी नोटिस पर जल्द सुनवाई के लिए 6948 सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) तैनात किए गए हैं। अब इनकी कुल संख्या बढ़कर 8990 हो गई है। राजनीतिक दलों को यह एईआरओ यह भी बताएंगे कि वह कहां किस स्थान पर सुनवाई कर रहे हैं, उन स्थानों की सूची भी साझा करेंगे।
मंगलवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर बैठक की गई। बैठक में राजनीतिक दलों ने जल्द सुनवाई करने और सुनवाई के स्थलों की जिलावार सूची दिलाने की मांग की। जिस पर सीईओ ने सभी जिलों के डीएम को निर्देश दिए कि वह तत्काल उन स्थानों की सूची सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराएं, जहां पर सुनवाई की जा रही है। यूपी में 1.04 करोड़ मतदाता ऐसे हैं, जिनका मिलाना वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो पाया है। वहीं दूसरे चरण में 2.22 करोड़ ऐसे मतदाता हैं, जिनके नाम की स्पेलिंग में त्रुटि और माता-पिता की उम्र से मात्र 15 साल या उससे कम अंतर है, ऐसे में इन्हें तार्किक विसंगतियों की श्रेणी में रखा गया है। अब इन्हें भी नोटिस जारी होगी।

