न्यायालय में मुकदमा पैरवी को लेकर सतर्क हुआ शिक्षा विभाग
लखनऊ :
इंटर गणित की कॉपी दोबारा चेक हुई तो मिले 14 की जगह 89 अंक जाने, अथवा यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिका के मूल्यांकन में बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग न्यायालय में याचिकाओं में मुकदमा पैरवी को लेकर सतर्क हो गया है। अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा परिषद संजय सेन शर्मा ने विभागीय अधिकारियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत होने वाली याचिकाओं में मुख्य स्थायी अधिवक्ता–राज्य विधि अधिकारी–एडवोकेट जनरल रिकॉर्ड के कार्यालय से विभाग की ओर से प्राथमिकता के आधार पर समय से समुचित अनुश्रवण भेजने के निर्देश दिए हैं।
आदेश में कहा गया है कि वर्ष 2022 की बोर्ड परीक्षा में इंटरमीडिएट के छात्र यशवीर की गणित विषय की उत्तरपुस्तिका का गलत मूल्यांकन हुआ था। हाई कोर्ट के आदेश के बाद दुबारा कॉपी जांची गई तो उसे 14 अंक मिलने की जगह 89 अंक पाए गए। इस पर उत्तर पुस्तिका मूल्यांकनकर्ता आनंद इंटरमीडिएट कॉलेज चपरासी, शिक्षक अजय कुमार सिंह पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। इस मूल्यांकन को आजीवन विचार कर दिया गया।
पत्र में कहा गया है कि कई बार प्रकरण सुनवाई के लिए न्यायालय के समक्ष सूचीबद्ध होने के बावजूद विभाग द्वारा समुचित अनुश्रवण नहीं भेजे जाने के कारण विभाग का पक्ष प्रस्तुत करने में अधिवक्ताओं को परेशानी हो रही है। न्यायालय भी असंतोष व्यक्त करते हुए प्रतिकूल आदेश पारित कर रहे हैं।
इस पर न्यायालय विभाग को निर्देश देता है कि संबंधित अधिकारी–विधि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक दिवस में विभाग के विरुद्ध समस्त याचिकाओं के संबंध में समुचित अनुश्रवण समय से उपलब्ध कराया जाए। राज्य विधि अधिकारी–एडवोकेट जनरल रिकॉर्ड के कार्यालय से संपर्क कर विभाग के समस्त अधिकारियों को समय से समुचित अनुश्रवण भेजने के लिए सुनिश्चित किया जाए और इसका अनुश्रवण भी किया जाए।

